जय जवान जय किसान

ऋण मुक्ति से अन्नदाता को मिला नया बल – पालक मंत्री मेघना बोर्डीकर
परभणी, 8 अगस्त: पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋण मुक्ति योजना 2026 के अंतर्गत जारी पहली सूची में परभणी जिले के 7 हजार 870 किसानों की कर्जमाफी के लिए 60 करोड़ 4 लाख 10 हजार 966 रुपये की राशि किसानों के ऋण खातों में हस्तांतरित कर दी गई है। इससे कर्ज के बोझ तले दबे हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है।
राज्य सरकार ने किसानों को कर्ज के संकट से उबारने के लिए ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान ऋण मुक्ति योजना 2026’ लागू की है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ प्रदान किया जा रहा है।
ऋण मुक्ति से अन्नदाता को नया बल – पालक मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर
’पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान ऋण मुक्ति योजना 2026′ के तहत प्रथम चरण में राज्य के 6 लाख 22 हजार 207 पात्र किसानों के ऋण खातों में 5 हजार 28 करोड़ रुपये की राशि सीधे ऑनलाइन हस्तांतरित की गई है।
किसानों की समस्याओं को समझते हुए उनके साथ दृढ़ता से खड़े रहने वाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार ने किसान कल्याण का एक और महत्वपूर्ण निर्णय धरातल पर उतारा है।
कर्ज के बोझ से दबे किसान भाइयों को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए उनकी कृषि और भावी जीवन यात्रा को नई दिशा तथा सामर्थ्य देने का कार्य इस निर्णय से हुआ है। किसान सशक्त और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बने, इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार निरंतर अन्नदाता के हित में निर्णय ले रही है, यह प्रतिक्रिया पालक मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर ने दी है।
शेष पात्र किसानों के पैसे भी शीघ्र होंगे जमा; आधार प्रमाणीकरण एवं फार्मर आईडी प्रक्रिया पूर्ण करें – जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण
शेष पात्र किसानों के खाते में भी शीघ्र राशि जमा की जाएगी। जिन किसानों का आधार प्रमाणीकरण शेष है, वे अपना आधार प्रमाणीकरण पूर्ण करा लें तथा जिन्होंने फार्मर आईडी (Farmer ID) नहीं बनवाई है, वे संबंधित तहसील कार्यालय जाकर फार्मर आईडी बनवा लें, ऐसा आह्वान जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण ने किया है।
परभणी जिले के लिए 7 हजार 870 लाभार्थियों को शामिल करने वाली पहली आवंटन सूची में कुल ₹60करोड,04 लाख,10हजार 966 की राशि स्वीकृत की गई है।
ऋण माफी का लाभ मिलने के पश्चात किसानों को पुनः फसल ऋण उपलब्ध कराने पर भी सरकार बल दे रही है। इससे आगामी कृषि सत्र के लिए किसानों को आर्थिक आधार प्राप्त होगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों का आर्थिक तनाव कम कर उन्हें पुनः नए सिरे से खेती के लिए सक्षम बनाना है।

