
छात्र प्रेरणा कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न
परभणी (8अगस्त): परिवर्तनशील दौर में शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव हो रहे हैं। इन परिवर्तनों का अनुसरण करते हुए छात्रों को उचित मार्गदर्शन, ज्ञान के साथ-साथ कौशल प्रदान कर उनके सर्वांगीण विकास के लिए महाविद्यालय सदैव प्रतिबद्ध है, यह विचार प्राचार्य डॉ. बालासाहेब जाधव ने शनिवार 08 अगस्त को व्यक्त किए।
वे यहाँ के श्री शिवाजी महाविद्यालय में वरिष्ठ संकाय की विभिन्न शाखाओं में प्रवेशित छात्रों के लिए आयोजित ‘छात्र प्रेरणा कार्यक्रम’ के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर उपप्राचार्य डॉ. श्रीनिवास केशट्टी, उपप्राचार्य डॉ. रोहिदास नितोंडे, आईक्यूएसी (IQAC) समन्वयक डॉ. उत्कर्ष किट्टेकर तथा समन्वयक डॉ. तुकाराम फिसफिसे की उपस्थिति रही।
उपस्थित विद्यार्थियों को मार्गदर्शित करते हुए प्राचार्य डॉ. बालासाहेब जाधव ने आगे कहा कि नियमित अध्ययन कर अपने करियर को संवारना छात्रों का प्राथमिक कर्तव्य है। इसके लिए मोबाइल पर स्क्रीन स्क्रॉलिंग का समय घटाकर समय का सदुपयोग करें, जिससे अपने लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थी को केंद्र बिंदु माना गया है। अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियां कुशल युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान कर रही हैं। ऐसे में युवा अपने व्यक्तित्व को बहुआयामी बनाकर स्वयं का अस्तित्व निर्मित करें, ऐसा आह्वान उन्होंने इस अवसर पर किया।
उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभागाध्यक्षों की ओर से विभागीय गतिविधियों एवं उपक्रमों की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। उपप्राचार्य डॉ. श्रीनिवास केशट्टी तथा उपप्राचार्य डॉ. रोहिदास नितोंडे ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का प्रस्ताविक डॉ. तुकाराम फिसफिसे ने प्रस्तुत किया, जबकि मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रल्हाद भोपे ने किया। इस अवसर पर प्राध्यापक वर्ग एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
