
परभणी:
विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, शिवराम नगर परभणी के विश्वकर्मा निर्माण प्रभाग की ओर से ‘श्रेष्ठ शिल्पकार – श्रेष्ठ भारत’ विषय पर एक विशेष प्रेरणादायी एवं आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बसमत रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ‘ओम निवास’ सेवाकेंद्र में अत्यंत उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कारीगरों, शिल्पकारों, कुशल श्रमिकों तथा निर्माण क्षेत्र से जुड़े कर्मियों के योगदान का सम्मान करना और उनके जीवन में आत्मिक शांति, एकता, कार्यकुशलता, तनावमुक्ति, मधुर संबंध व श्रेष्ठ संस्कारों का संचार करना था।
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने संदेश दिया कि “कुशल हाथ, शक्तिशाली मन और श्रेष्ठ संस्कार ही सशक्त व श्रेष्ठ भारत की नींव हैं।” कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि कार्यक्षेत्र और व्यक्तिगत जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने से आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं परस्पर सहयोग की भावना सुदृढ़ होती है। साथ ही, विश्वकर्मा जयंती के आध्यात्मिक रहस्य को उजागर करते हुए कर्म के प्रति निष्ठा और श्रेष्ठ विचारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने संकल्प के रूप में स्वीकार किया।
कार्यक्रम में बी.के. सीमा बहन ने विभिन्न गतिविधियों, संवाद और गहन मेडिटेशन (राजयोग) की अनुभूति के ज़रिए इस दिवस को आध्यात्मिक रूप में मनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने आत्मचिंतन और सकारात्मक विचारों के माध्यम से तनावमुक्त व सफल जीवन जीने की कला पर प्रकाश डाला।
शिवराम नगर सेवाकेंद्र की निदेशिका बी.के. अर्चना दीदी ने सभी को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए परमात्मा से जुड़ने और जीवन में सत्य, शांति, पवित्रता व सकारात्मकता को आत्मसात करने का पाथेय दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राजेंद्र वडकर तथा परभणी महानगरपालिका की पूर्व महापौर श्रीमती संगीता वडकर विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
समारोह के समापन पर ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा उपस्थित सभी कारीगरों व शिल्पकारों को कंबल, प्रसाद और ईश्वरीय सौगात (स्मृति-चिह्न) भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की गई। इस सफल आयोजन में बी.के. वैष्णवी बहन, बी.के. रचना बहन सहित संस्थान के अन्य समर्पित सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।