राज्य

एसआईआर डिजिटलीकरण में परभणी जिला राज्य में चौथे स्थान पर, उल्लेखनीय प्रदर्शन

जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण के प्रभावी नियोजन से मिली सफलता

उपजिलाधिकारी अरुणा संगेवार का तकनीकी व कानुनी मार्गदर्शन रहा लाभप्रद

परभणी, १९ जुलाई:

भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के अंतर्गत जारी डिजिटलीकरण (Digitization) कार्य में परभणी जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र राज्य में चौथा स्थान प्राप्त किया है। जिले के सभी चार विधानसभा क्षेत्रों में सुनियोजित ढंग से किए गए कार्यों की बदौलत यह गौरव हासिल हुआ है, जिसे जिला प्रशासन की संगठनात्मक कार्यशैली की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

​जिलाधिकारी का सूक्ष्म नियोजन और समन्वय- टीम भावना के साथ जिलाधिकारी का काम-

​जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजयसिंह चव्हाण ने प्रारंभ से ही इस कार्य का सूक्ष्म नियोजन, जिम्मेदारियों का प्रभावी विभाजन, दैनिक समीक्षा तथा उपसंभाग स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र को लक्ष्य प्राप्ति के लिए सक्रिय रखा। उनके कुशल नेतृत्व में सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, मंडल अधिकारियों, पटवारियों तथा बीएलओ (बूथ स्तर के अधिकारियों) ने टीम भावना के साथ उत्कृष्ट कार्य किया।

​तकनीकी एवं कानुनी मार्गदर्शन

​इस अभियान के दौरान उपजिलाधिकारी (निर्वाचन) अरुणा संगेवार ने डिजिटलीकरण प्रक्रिया के तकनीकी पहलुओं, पोर्टल की कार्यप्रणाली, त्रुटि निवारण तथा विधिक रूप से महत्वपूर्ण प्रावधानों पर निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके इस सहयोग से कार्य की गुणवत्ता में वृद्धि हुई और डिजिटलीकरण में सटीकता के साथ-साथ गति भी प्राप्त की जा सकी।

​जिले की सांख्यिकीय प्रगति (१९ जुलाई २०२६ सुबह ८:०० बजे तक):

  • बीएलओ प्रशिक्षण: जिले के सभी १,६२३ बीएलओ को १०० प्रतिशत प्रशिक्षित किया जा चुका है।
  • फॉर्म वितरण: कुल १५,४१,००७ मतदाताओं में से १५,०३,०८६ मतदाताओं को फॉर्म वितरित किए गए हैं, जो कुल संख्या का ९७.५४% है।
  • डिजिटलीकरण: १०,११,१६८ फॉर्म का डिजिटलीकरण पूर्ण कर लिया गया है, जिससे कुल प्रगति ६५.६२% तक पहुंच गई है।
  • सत्यापन: १०,१०,३१० फॉर्म का बीएलओ द्वारा सफलतापूर्वक सत्यापन किया जा चुका है, जिसका प्रतिशत ६५.५६% है।

​विधानसभा क्षेत्रवार डिजिटलीकरण की स्थिति:-

जिले की सांख्यिकीय प्रगति (१९ जुलाई २०२६ सुबह ८:०० बजे तक):

  • बीएलओ प्रशिक्षण: जिले के सभी १,६२३ बीएलओ को १०० प्रतिशत प्रशिक्षित किया जा चुका है।
  • फॉर्म वितरण: कुल १५,४१,००७ मतदाताओं में से १५,०३,०८६ मतदाताओं को फॉर्म वितरित किए गए हैं, जो कुल संख्या का ९७.५४% है।
  • डिजिटलीकरण: १०,११,१६८ फॉर्म का डिजिटलीकरण पूर्ण कर लिया गया है, जिससे कुल प्रगति ६५.६२% तक पहुंच गई है।
  • सत्यापन: १०,१०,३१० फॉर्म का बीएलओ द्वारा सफलतापूर्वक सत्यापन किया जा चुका है, जिसका प्रतिशत ६५.५६% है।

    एसआईआर डिजिटलीकरण में परभणी जिला राज्य में चौथे स्थान पर, उल्लेखनीय प्रदर्शन

    जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण के प्रभावी नियोजन से मिली सफलता

    उपजिलाधिकारी अरुणा संगेवार का तकनीकी व विधिक मार्गदर्शन रहा लाभप्रद

    परभणी, १९ जुलाई:

    भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के अंतर्गत जारी डिजिटलीकरण (Digitization) कार्य में परभणी जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र राज्य में चौथा स्थान प्राप्त किया है। जिले के सभी चार विधानसभा क्षेत्रों में सुनियोजित ढंग से किए गए कार्यों की बदौलत यह गौरव हासिल हुआ है, जिसे जिला प्रशासन की संगठनात्मक कार्यशैली की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

    ​जिलाधिकारी का सूक्ष्म नियोजन और समन्वय

    ​जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजयसिंह चव्हाण ने प्रारंभ से ही इस कार्य का सूक्ष्म नियोजन, जिम्मेदारियों का प्रभावी विभाजन, दैनिक समीक्षा तथा उपसंभाग स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र को लक्ष्य प्राप्ति के लिए सक्रिय रखा। उनके कुशल नेतृत्व में सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, मंडल अधिकारियों, पटवारियों तथा बीएलओ (बूथ स्तर के अधिकारियों) ने टीम भावना के साथ उत्कृष्ट कार्य किया।

    ​तकनीकी एवं कानूनी मार्गदर्शन

    ​इस अभियान के दौरान उपजिलाधिकारी (निर्वाचन) अरुणा संगेवार ने डिजिटलीकरण प्रक्रिया के तकनीकी पहलुओं, पोर्टल की कार्यप्रणाली, त्रुटि निवारण तथा विधिक रूप से महत्वपूर्ण प्रावधानों पर निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके इस सहयोग से कार्य की गुणवत्ता में वृद्धि हुई और डिजिटलीकरण में सटीकता के साथ-साथ गति भी प्राप्त की जा सकी।

    ​जिले की सांख्यिकीय प्रगति (१९ जुलाई २०२६ सुबह ८:०० बजे तक):

    • बीएलओ प्रशिक्षण: जिले के सभी १,६२३ बीएलओ को १०० प्रतिशत प्रशिक्षित किया जा चुका है।
    • फॉर्म वितरण: कुल १५,४१,००७ मतदाताओं में से १५,०३,०८६ मतदाताओं को फॉर्म वितरित किए गए हैं, जो कुल संख्या का ९७.५४% है।
    • डिजिटलीकरण: १०,११,१६८ फॉर्म का डिजिटलीकरण पूर्ण कर लिया गया है, जिससे कुल प्रगति ६५.६२% तक पहुंच गई है।
    • सत्यापन: १०,१०,३१० फॉर्म का बीएलओ द्वारा सफलतापूर्वक सत्यापन किया जा चुका है, जिसका प्रतिशत ६५.५६% है।

    ​विधानसभा क्षेत्रवार डिजिटलीकरण की स्थिति:

    विधानसभा क्षेत्र

    डिजिटलीकरण प्रतिशत

    गंगाखेड

    ७४.३१% (जिले में शीर्ष पर)

    पाथरी

    ६७.६८%

    जिंतूर

    ६२.६९%

    परभणी

    ५५.९६%

    गंगाखेड विधानसभा क्षेत्र ने सर्वाधिक डिजिटलीकरण कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि अन्य निर्वाचन क्षेत्रों ने भी संतोषजनक प्रगति दर्ज की है।

    ​”जिले के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और बीएलओ के सामूहिक प्रयासों से परभणी जिले ने राज्य स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। शेष बचे कार्य को भी इसी गति, सटीकता और उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण किया जाए। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य राज्य में अपना अग्रणी स्थान बनाए रखते हुए इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को शत-प्रतिशत त्रुटिहीनता के साथ संपन्न करना है।”

    ​— संजयसिंह चव्हाण, जिलाधिकारी तथा जिला निर्वाचन अधिकारी, परभणी

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