पूर्णा में बंद को मिला व्यापक जनसमर्थन-
चुड़ावा में मोबाइल टावर पर चढ़कर प्रदर्शनकारी का ध्यानवेधक आंदोलन

पूर्णा-
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर संघर्ष योद्धा मनोज जरांगे पाटिल 29 अगस्त से अंतरवाली सराटी में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। शासन द्वारा उनके अनशन का तत्काल संज्ञान लेकर मराठा समाज की लंबित मांगें स्वीकार किए जाने के समर्थन में गुरुवार,03 सितंबर को परभणी जिला बंद का आह्वान किया गया था। इस बंद को पूर्णा तहसील में व्यापक एवं स्वतःस्फूर्त जनसमर्थन मिला। पूर्णा नगर सहित संपूर्ण तहसील के व्यापारियों एवं व्यवसायियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें व प्रतिष्ठान बंद रखकर आरक्षण आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता प्रकट की।
सकल मराठा समाज की ओर से नगर में शासन के विरुद्ध नारेबाजी की गई और मांगों पर अविलंब सकारात्मक निर्णय लेने की मांग उठाई गई। इस अवसर पर मराठा आरक्षण से संबंधित विभिन्न मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। बंद के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) कुंदनकुमार वाघमारे, पुलिस निरीक्षक सचिन बेंद्रे तथा सहायक पुलिस निरीक्षक शिवाजी सिंगनवाड़ के मार्गदर्शन में नगर व तहसील भर में चाक-चौबंद पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
मोबाइल टावर पर चढ़कर अनोखा विरोध प्रदर्शन
पूर्णा तहसील के रूपला पांढरी निवासी प्रदर्शनकारी नागनाथ गुंडाले ने चुड़ावा में लगभग 300 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़कर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। चुड़ावा-नांदेड़ राज्य राजमार्ग के निकट स्थित मोबाइल टावर पर वह गुरुवार प्रातः लगभग 11 बजे चढ़े। उन्होंने टावर के शीर्ष से मांग रखी कि शासन मनोज जरांगे पाटिल के अनशन का तत्काल संज्ञान ले और मराठा आरक्षण की मांगें पूर्ण करे।
नागनाथ गुंडाले के टावर पर चढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होते ही क्षेत्र में इस घटना की व्यापक चर्चा शुरू हो गई। सूचना मिलते ही चुड़ावा क्षेत्र के सकल मराठा समाज के नागरिक टावर के समीप एकत्रित हो गए और शासन के विरुद्ध तीव्र नारेबाजी की। दोपहर दो बजे तक गुंडाले टावर से नीचे नहीं उतरे थे, जिसके चलते उन्हें सुरक्षित नीचे उतारना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। प्रशासन द्वारा उन्हें सकुशल नीचे लाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे थे।
