पठन संस्कृति के प्रति जन-जागरूकता हेतु पुणे–आळंदी–पंढरपूर ३०० किमी सायकल यात्रा का पंढरपुर में समापन
होमियोपैथिक एकेडमी ऑफ रिसर्च एंड चैरिटीज (एचएआरसी) की अभिनव पहल

परभणी, १८ जुलाई:
होमियोपैथिक एकेडमी ऑफ रिसर्च एंड चैरिटीज (एचएआरसी), परभणी के तत्वावधान में आयोजित पुणे–आळंदी–पंढरपूर ३०० किलोमीटर पठन जन-जागरूकता सायकल यात्रा का आज पंढरपुर में सफलतापूर्वक समापन हो गया।
यह सायकल यात्रा पठन संस्कृति के प्रचार-प्रसार, पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और सायकल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। दो दिवसीय इस अभियान के दौरान सायकल चालकों ने मार्ग में आने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों और तीर्थयात्रियों (वारकरियों) से संवाद स्थापित किया। उन्होंने “मोबाइल को विश्राम, पुस्तकों से नाता”, “पढ़ोगे तो बढ़ोगे”, “सायकल चलाएं – ईंधन बचाएं, स्वास्थ्य पाएं” तथा “वृक्ष लगाएं, पर्यावरण बचाएं” जैसे सामाजिक संदेशों का प्रभावी ढंग से प्रचार किया।
प्रमुख सहभागिता
इस सायकल यात्रा में एचएआरसी संस्था के अध्यक्ष डॉ. पवन सत्यनारायण चांडक, ‘माझे घर’ परियोजना के संस्थापक शरद झरे, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भगवान केंद्रे, पत्रकार डॉ. विनोद चव्हाण, सायकल प्रेमी अर्जुन कांबले, पठन प्रेमी विद्यार्थी राहुल राठौड़ और उद्यमी पांडुरंग मोरे ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
’पालवी एड्स परियोजना’ में समापन
सायकल यात्रा का समापन पंढरपुर स्थित ‘पालवी एड्स परियोजना’ परिसर में हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने सामाजिक जन-जागरूकता के लिए सायकल को एक प्रभावी माध्यम के रूप में उपयोग करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।
डॉ. पवन चांडक की १२वीं पंढरपुर सायकल यात्रा
एचएआरसी संस्था के अध्यक्ष डॉ. पवन सत्यनारायण चांडक की यह १२वीं पंढरपुर सायकल यात्रा थी। इसके साथ ही उनकी कुल सायकल यात्रा का सफर १,१८,००० किलोमीटर के पड़ाव को पार कर गया है। डॉ. चांडक ने भारत के १४ राज्यों सहित स्कॉटलैंड, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस में भी विभिन्न सामाजिक विषयों पर सायकल द्वारा जन-जागरूकता अभियान चलाए हैं।
सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित
इस सायकल यात्रा के सफल आयोजन में भिगवण सायकलिंग ग्रुप के संजय चौधरी, डॉ. जयप्रकाश खरड, उरली से डॉ. शैलेश गायकवाड़, पाटस से नवनाथ शिरोले व जगताप सर, वेलापुर से सूर्यकांत भिसे तथा पालवी एड्स परियोजना की संस्थापिका मंगलताई शाह का बहुमूल्य सहयोग प्राप्त हुआ। एचएआरसी की ओर से इन सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर संस्था द्वारा समाज में पठन संस्कृति, पर्यावरण संवर्धन और सायकलिंग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश निरंतर प्रसारित करते रहने का संकल्प दोहराया गया।

