
विशेष संवाददाता
वैभव नगर बाल विद्या मंदीर, विभागप्रमुख शाखा परभणी खेल व्यक्तित्व विकास का एक अभिन्न अंग हैं। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए मैदान पर उतरकर खेलना अत्यंत आवश्यक है; विद्यार्थियों को मोबाइल छोड़कर खेल के मैदान की ओर अग्रसर होना चाहिए। यह विचार बाल विद्या मंदिर वैभव नगर के विभाग अध्यक्ष तथा कार्यक्रम प्रमुख प्रदीप रुघे ने व्यक्त किए। विद्यालय में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में अत्यंत उत्साहपूर्वक मनाई गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के क्रीड़ा शिक्षक एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रभाकर गमे तथा राम पतंगे उपस्थित रहे। इस आयोजन का दायित्व कक्षा आठवीं ‘जी’ के विद्यार्थियों को सौंपा गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ मेजर ध्यानचंद एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भाषणों और रेखाचित्रों के माध्यम से मेजर ध्यानचंद तथा कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की जीवन यात्रा और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। खेल पहेलियों के माध्यम से छात्रों से विभिन्न खेलों के नाम उत्तर स्वरूप पूछे गए। साथ ही, विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत एक भावपूर्ण लघु नाटिका के माध्यम से मोबाइल त्यागकर खेल के मैदान में समय बिताने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान संतोष उखलकर ने क्रीड़ा शिक्षक प्रभाकर गमे का एक प्रभावी साक्षात्कार लिया, जिसे उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने खूब सराहा। इसके अतिरिक्त, खेल-कूद पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
यह संपूर्ण कार्यक्रम कक्षा अध्यापिका सपना कारेगांवकर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मंच संचालन मधूल कनकदंडे एवं वरदा देशपांडे ने कुशलतापूर्वक किया, जिसके लिए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बालाभाऊ दंडवते, संग्राम कुंडगीर, अजित देशपांडे, संतोषकुमार उखलकर, रमाकांत पैंजने, सचिन वानरे, अरुणा कंधारकर, जयश्री बोरचाटे, कीर्ति आलेगांवकर, अर्चना कुंडगीर, रेश्मा देशमुख, देवराव पदमे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।