
परभणी (29 अगस्त):
स्थानीय बाल विद्यामंदिर हाईस्कूल एवं कनिष्ठ महाविद्यालय में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ अत्यंत उत्साहपूर्वक मनाया गया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य अरुण बोराडे ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पर्यवेक्षक बलीराम कोपरटकर एवं पर्यवेक्षिका श्रीमती सीमा बोके उपस्थित थीं। वहीं, मुख्य मार्गदर्शक के रूप में शिक्षक अरुण मस्के मंचासीन रहे।
समारोह के दौरान विद्यार्थी श्रेया जाधव, अनुष्का नीलवर्ण तथा बालाजी गायकवाड़ ने अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों द्वारा मेजर ध्यानचंद के जीवन-चरित्र पर आधारित आकर्षक भित्ति-पत्रक (पोस्टर) भी प्रदर्शित किए गए। मुख्य मार्गदर्शक अरुण मस्के ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मेजर ध्यानचंद के योगदान एवं जीवन में खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य अरुण बोराडे ने कहा, “प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन में कम से कम एक खेल अवश्य अपनाना चाहिए। खेलों से नेतृत्व क्षमता, समूह भावना, साहस, संयम तथा पराजय को स्वीकार करने का सामर्थ्य विकसित होता है। खेल आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ देश का गौरव बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। मेजर ध्यानचंद ने संपूर्ण विश्व में भारत का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित किया है। यदि विद्यार्थी परिश्रम, दृढ़ संकल्प और लगन को अपनाएं, तो सफलता निश्चित है।”
कार्यक्रम का कुशल संचालन कुमारी ऋतुजा ननेर एवं कुमारी आर्या झाडे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कुमारी समृद्धि अडकिने द्वारा किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का संयोजन कक्षा 8वीं (वर्ग-ड) द्वारा वर्गशिक्षक अरुण मस्के के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।