वेतन, समायोजन, आपत्ति आवेदन व लंबित समस्याओं का त्वरित निवारण करें; अन्यथा तीव्र आंदोलन की चेतावनी
परभणी /पुर्णा
परभणी जिले में अधिशेष (सरप्लस/अतिरिक्त) घोषित किए गए माध्यमिक शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर ‘मुप्टा’ शिक्षक संगठन अब आक्रामक हो गया है। अधिशेष शिक्षकों को न्याय दिलाने के लिए शीघ्र ही जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) कार्यालय पर धावा बोलकर अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। यह जानकारी संगठन के जिलाध्यक्ष महादेव लोखंडे ने दी है।
अधिशेष शिक्षकों का महीनों से रुका हुआ वेतन तत्काल भुगतान करने, समायोजन (Adjustment) की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने, अधिशेष शिक्षकों के आपत्ति आवेदनों का त्वरित निस्तारण करने तथा विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में शिथिलता एवं देरी बरतने वाले संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने की मुख्य मांगों को लेकर संगठन आंदोलन की तैयारी में है।
जिले में अनेक अधिशेष शिक्षकों का समायोजन अभी भी लंबित है। कुछ शिक्षक समायोजित विद्यालयों में नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, इसके बावजूद संबंधित विद्यालयों द्वारा आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूर्ण न किए जाने के कारण उनका वेतन रुका हुआ है। परिणामस्वरूप, अनेक शिक्षकों और उनके परिवारों पर गंभीर आर्थिक संकट मंडरा रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन-यापन भी अत्यंत दुष्कर हो गया है।
संगठन के अनुसार, इन ज्वलंत समस्याओं के संबंध में शिक्षा विभाग से निरंतर पत्राचार और अनुवर्ती कार्रवाई (Follow-up) करने के बाद भी अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसीलिए शिक्षाधिकारी कार्यालय जाकर संबंधित अधिकारियों से सीधे जवाब-तलब करने का निर्णय लिया गया है। अधिशेष शिक्षकों की समस्याओं की लगातार हो रही अनदेखी के कारण शिक्षक समुदाय में भारी रोष और असंतोष का वातावरण है।
मुप्टा शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष महादेव लोखंडे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अधिशेष शिक्षकों का वेतन तत्काल निर्गत कर समायोजन प्रक्रिया पूर्ण की जाए, आपत्ति आवेदनों का निस्तारण हो तथा शिक्षकों की सभी लंबित प्रशासनिक समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। अन्यथा पूरे जिले में तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी संपूर्ण उत्तरदायित्व (जिम्मेदारी) शिक्षा विभाग और प्रशासन का होगा।
मुख्य मांगें:
- अधिशेष शिक्षकों का रुका हुआ वेतन तत्काल निर्गत (भुगतान) किया जाए।
- लंबित समायोजन प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।
- अधिशेष शिक्षकों के आपत्ति आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
- कार्य में शिथिलता व देरी बरतने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई हो।
- अधिशेष शिक्षकों से संबंधित सभी लंबित प्रशासनिक प्रकरणों का तत्काल समाधान किया जाए।



