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अयोध्या श्रीराम मंदिर दानपेटी गबन मामले के दोषियों को मृत्युदंड देकर ‘रामराज्य’ का प्रारंभ करें और शेगाव संस्थान की तर्ज पर भ्रष्टाचार मुक्त प्रबंधन प्रणाली लागू करें: श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान परभणी द्वारा प्रशासन को ज्ञापन

परभणी:

समस्त हिंदू समाज और प्रभु श्रीराम भक्त इस ज्ञापन के माध्यम से अयोध्या की अत्यंत संवेदनशील और पीड़ादायक घटना पर अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। जिस प्रभु श्रीराम मंदिर के लिए ५०० वर्षों तक संघर्ष हुआ, लाखों कारसेवकों ने अपनी छाती पर गोलियां झेलीं और साधु-संतों ने अपने प्राणों की आहुति दी; उसी मंदिर के गर्भगृह में बैठकर अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा और उनके साथियों ने करोड़ों रुपये की दान राशि का गबन (चोरी) करने का महापाप किया है। यह केवल एक आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि करोड़ों रामभक्तों के अटूट विश्वास पर लगा एक काला कलंक है। इस कुकृत्य से राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाले हमारे पूर्वजों और साधु-संतों की पवित्र आत्माओं को अत्यंत ठेस पहुंची होगी।

​इस पृष्ठभूमि में, भविष्य में किसी भी मंदिर में ऐसा दुस्साहस करने की हिम्मत फिर कभी कोई न कर सके, इसलिए हम समस्त हिंदू समाज की ओर से प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित ऐतिहासिक मांगें प्रस्तुत कर रहे हैं:

१. दोषियों को सीधे मृत्युदंड (फांसी) की सजा:

प्रभु श्रीराम के पवित्र दरबार में चोरी करके संपूर्ण देश की आस्था को कलंकित करने वाले इस प्रकरण के सभी दोषियों पर त्वरित न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) में मुकदमा चलाकर उन्हें मृत्युदंड (फांसी) की सर्वोच्च सजा दी जाए। जिससे दुष्टों का नाश करने वाले वास्तविक ‘रामराज्य’ की आधिकारिक स्थापना इसी न्याय-निर्णय से प्रारंभ हो सके।

२. दोषियों की समस्त संपत्ति जब्त कर बुलडोजर की कार्रवाई हो:

इन पापियों ने चोरी के पैसों से जो भी संपत्ति, वाहन और बंगले खड़े किए हैं, उन्हें तत्काल जब्त किया जाए अथवा सरकार अपनी सुप्रसिद्ध शैली में उन पर बुलडोजर चलाकर उन्हें नेस्तनाबूत करे।

३. शेगाव (महाराष्ट्र) के ‘संत श्री गजानन महाराज संस्थान’ की तर्ज पर प्रबंधन प्रणाली लागू हो:

अयोध्या के प्रबंधन में भविष्य में कभी भी पारदर्शिता और ईमानदारी का ऐसा अभाव उत्पन्न न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार महाराष्ट्र के ‘संत श्री गजानन महाराज संस्थान, शेगाव’ की प्रबंधन प्रणाली का गहन अध्ययन करे। शेगाव संस्थान संपूर्ण भारत में अपने अत्यंत अनुशासित, पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और शत-प्रतिशत प्रामाणिक सेवा कार्य के लिए जाना जाता है, जहां धन की एक पाई का भी गबन नहीं होता।

कार्यान्वयन पद्धति:

शेगाव संस्थान की तर्ज पर अयोध्या राम मंदिर में भी आधुनिक तकनीक का उपयोग, गुप्त एवं सुरक्षित मतगणना प्रक्रिया, अचूक लेखा-जोखा (हिसब) पद्धति और केवल निस्वार्थ सेवाभावी (वेतनभोगी कर्मचारियों के स्थान पर निष्ठावान स्वयंसेवक) प्रणाली की व्यवस्था तत्काल लागू की जाए।

​हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके जैसे भगवाधारी और न्यायप्रिय मुख्यमंत्री के सत्ता में रहते हुए इन धर्मद्रोही चोरों को कदापि बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन हमारे इस ज्ञापन और समस्त हिंदू समाज की तीव्र भावनाओं का संज्ञान लेते हुए इसे माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष तत्काल मार्गदर्शन एवं उचित कार्रवाई हेतु प्रेषित करे; इस आशय का ज्ञापन ‘श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान, परभणी’ की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया

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