राज्यशिक्षा

इंटरनेट हमें केवल जानकारी देता है, लेकिन पुस्तकें ज्ञान और विवेक प्रदान करती हैं –

श्री तानाजी चिखले, अपर पुलिस अधीक्षक, परभणी

परभणी: मराठवाडा शिक्षा प्रसारक मंडल, छत्रपती संभाजीनगर संचालित श्री शिवाजी विधि महाविद्यालय, परभणी में बुधवार, 12 अगस्त को पद्मश्री डॉ. एस.आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती के अवसर पर मनाए गए “राष्ट्रीय ग्रंथपाल दिवस” के उपलक्ष्य में एक भव्य पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया.

​इस कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता परभणी के अपर पुलिस अधीक्षक श्री तानाजी संभाजी चिखले (भा.पु.से.) थे, जबकि अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश एल. धर्मापुरीकर ने की. इस अवसर पर नवा मोंढा पुलिस ठाणे, परभणी के पुलिस उपनिरीक्षक श्री नितिन डोंबे तथा प्रा. डॉ. विजयकुमार परसोडे आदि विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे. कार्यक्रम की शुरुआत श्री तानाजी चिखले द्वारा डॉ. एस.आर. रंगनाथन की प्रतिमा के पूजन और अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा उन्हें अभिवादन अर्पित करने के साथ हुई. इसके पश्चात, श्री तानाजी चिखले के करकमलों द्वारा फीता काटकर पुस्तक प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ किया गया. इस प्रदर्शनी में मराठी और अंग्रेजी भाषा की कथाएं, उपन्यास, आत्मकथाएं आदि का समावेश किया गया था.

पुस्तक प्रदर्शनी का महत्व एवं विचार

​उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्री चिखले ने कहा कि आज के इस तीव्र गति से बदलते डिजिटल युग में, जहाँ हर व्यक्ति की दृष्टि मोबाइल स्क्रीन पर टिकी रहती है, ऐसे पुस्तक प्रदर्शनियों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. इंटरनेट हमें केवल ‘जानकारी’ देता है, परंतु पुस्तकें हमें ‘ज्ञान’ और ‘विवेक’ प्रदान करती हैं.

​अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य एम.एल. धर्मापुरीकर ने विचार व्यक्त किया कि नई पीढ़ी में पठन-पाठन की रुचि जगाने और स्क्रीन-टाइम कम करने के लिए ऐसी प्रदर्शनियां अत्यंत प्रभावी माध्यम हैं. उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल कागज के पन्ने नहीं होतीं, अपितु मानवीय विचारों, संस्कृति और ज्ञान का अनंत भंडार होती हैं. ग्रंथपाल डॉ. सचिन वी. कदम ने अपनी प्रस्तावना में स्पष्ट किया कि आज के डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में युवाओं को पुनः पुस्तकों की दुनिया से जोड़ना इस पुस्तक प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य है.

उपस्थिति एवं शुभकामनाएं

​इस पुस्तक प्रदर्शनी में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कार्यालयीन कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए ग्रंथालय कर्मचारी श्री किशन होनराव तथा श्रीमती रंजना जाधव ने अथक परिश्रम किया.

​इस आयोजन की सफलता पर मराठवाडा शिक्षण प्रसारक मंडल के अध्यक्ष, माननीय विधायक श्री प्रकाशदादा सोळंके, सचिव, माननीय विधायक श्री सतीशभाऊ चव्हाण तथा महाविद्यालय विकास समिति के सम्मानित सदस्य माननीय श्री चंद्रशेखर नखाते, माननीय श्री गोविंद कदम, माननीय श्री मकदूम मोहिउद्दीन, माननीय श्री संतोष बोबडे, माननीय ॲड. दीपक देशमुख, माननीय ॲड. अशोक शिंदे, माननीय श्री संतोष इंगळे आदि ने अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button