
स्वतंत्रता दिवस पर पालकमंत्री के कर-कमलों द्वारा मुख्य शासकीय ध्वजारोहण संपन्न
परभणी: “किसान, महिला, युवा और जनसामान्य के उत्थान को केंद्र में रखकर परभणी जिला प्रगति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। कृषि, उद्योग, रोजगार, स्वास्थ्य, जल संरक्षण और आधारभूत संरचनाओं को गति देकर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए शासन पूर्णतः संकल्पबद्ध है।” यह प्रतिपादन जिले की पालकमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर ने किया।
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित मुख्य शासकीय समारोह में पालकमंत्री द्वारा ध्वजारोहण संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्षा लता वाकळे, महापौर सय्यद इकबाल सय्यद खाजा, विधायक राहुल पाटील, जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण, पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नतीशा माथूर, मनपा आयुक्त नितिन नार्वेकर, अपर पुलिस अधीक्षक तानाजी चिखले सहित वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार, नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
पालकमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय जनसहभागिता के लिए परभणीवासियों का अभिनंदन किया। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में राज्य भर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के जनहितैषी उपक्रमों की उन्होंने सराहना की।
समारोह के दौरान जल संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत “महा वॉकेथॉन-वॉक फॉर वॉटर” के प्रतीक चिह्न (लोगो) का अनावरण, चर्मकार बंधुओं को पत्रे के स्टॉल वितरण का शुभारंभ तथा जल जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
प्रमुख विकास योजनाओं की स्थिति:
- कृषि एवं ऋणमुक्ति: ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना’ के अंतर्गत जिले के 1,60,769 किसानों को लाभ मिलेगा। प्रथम चरण में 79,855 किसानों का 582 करोड़ रुपये का ऋण माफ किया जाएगा। वहीं ‘मुख्यमंत्री बळीराजा बिजली रियायत योजना’ से 99,358 कृषि पंप धारकों का 622.90 करोड़ रुपये का बिजली बिल माफ हुआ है।
- निवेश एवं रोजगार: ‘परभणी ग्रोथ हब’ के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय निवेश सम्मेलन के माध्यम से जिले में लगभग 1,500 करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश प्रस्तावित है। ‘सिल्क एंड मिल्क’ मॉडल से रेशम उत्पादन व दुग्ध व्यवसाय को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- महिला सशक्तिकरण: कृषि आधारित व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को आधिकारिक रूप से कृषक का दर्जा देने का निर्णय लिया गया है। जिले में अब तक 1 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
- स्वास्थ्य एवं आधारभूत ढांचा: जिला चिकित्सालय ने राज्य में लगातार दो बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है। संत जनाबाई तीर्थ क्षेत्र के विकास हेतु 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं तथा 852 ग्राम पंचायतों में डिजिटल मानचित्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
पालकमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त भारत अभियान एवं जल संरक्षण की शपथ दिलाई। मुख्य समारोह के उपरांत जिला नियोजन सभागार में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, मेधावी विद्यार्थियों तथा वीर नारियों व परिजनों को सम्मानित किया गया।