परभणी जिले के लिए जायकवाड़ी बांध से छोड़ा जाएगा पानी
परभणी:
परभणी जिले के लिए जायकवाड़ी बांध से चार चरणों में पानी छोड़े जाने की विधायक डॉ. राहुल पाटिल की मांग को सफलता मिली है। जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की उपस्थिति में छत्रपति संभाजीनगर में सोमवार, 2 नवंबर को आयोजित ‘नहर सलाहकार समिति’ की बैठक में विधायक डॉ. पाटिल की पानी छोड़ने की मुख्य मांग सहित अन्य मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। इस निर्णय से परभणी जिले को बड़ी राहत मिली है और रबी की बुआई के साथ-साथ पीने के पानी की समस्या भी हल हो सकेगी।
परभणी जिले में सूखे के कारण खरीफ की फसल पूरी तरह नष्ट होने के बाद अब पानी की कमी के चलते रबी की बुआई भी ठप पड़ी थी। इसी पृष्ठभूमि में विधायक डॉ. पाटिल ने जायकवाड़ी बांध से नहर के जरिए पानी छोड़ने की मांग की थी। छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित बैठक में विधायक पाटिल ने जिले में सूखे की भीषणता से अवगत कराते हुए जायकवाड़ी से तत्काल पानी छोड़ना अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि यदि पानी नहीं छोड़ा गया तो पेयजल संकट गहरा जाएगा और रबी की बुआई अटक जाएगी।
इस मांग पर तुरंत संज्ञान लेते हुए जल संसाधन मंत्री विखे पाटिल ने घोषणा की कि 5 नवंबर को जायकवाड़ी बांध से पानी का पहला चरण (आवर्तन) छोड़ा जाएगा। इसके बाद एक-एक महीने के अंतराल पर दो चरण और छोड़े जाएंगे। साथ ही, गर्मी की शुरुआत में नागरिकों और मवेशियों के पीने के पानी के लिए भी जल आपूर्ति की जाएगी। इस फैसले से जल संकट का सामना कर रहे किसानों को राहत मिलेगी।
रिक्त पदों को भरने और पानी के सही उपयोग की अपील
बैठक के दौरान विधायक पाटिल ने मंत्री विखे पाटिल को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि मराठवाड़ा की जायकवाड़ी परियोजना में कुल 47 इंजीनियरों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 45 पद खाली हैं। फिलहाल केवल 2 इंजीनियर ही कार्यरत हैं और पूरे मराठवाड़ा की व्यवस्था उन्हीं पर निर्भर है। इस वजह से जल वितरण में बाधा आ रही है, इसलिए इन रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए। मंत्री विखे पाटिल ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए जल्द ही पद भरने का आश्वासन दिया।
बैठक के बाद विधायक पाटिल ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे चिंता न करें, परभणी जिले को जायकवाड़ी से पूरा पानी मिलेगा। उन्होंने किसानों से स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और अधिक से अधिक चारा फसलों की बुआई करने का आग्रह किया है।
जायकवाड़ी नहर के पक्कीकरण (अस्तरीकरण) की मांग
जायकवाड़ी बांध से निकलने वाली नहरों का क्षेत्र लगभग 208 किलोमीटर तक फैला हुआ है। हालांकि, कई वर्षों से इन नहरों का पक्कीकरण (लाइंनिंग/अस्तरीकरण) न होने के कारण छोड़े गए पानी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा व्यर्थ बह जाता है। इस वजह से अंतिम छोर (टेल) के किसानों तक पानी नहीं पहुंच पाता।
विधायक पाटिल ने जल संसाधन मंत्री से मांग की है कि 208 किलोमीटर लंबी नहर का पक्कीकरण कराया जाए, ताकि अंतिम छोर के किसानों तक पानी पहुंचे और सभी किसानों को पर्याप्त जल मिल सके।



