
पालक मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर के हाथों मानपत्र देकर सम्मान
नूतन जिलाधिकारी अण्णासाहेब चव्हाण का स्वागत
परभणी- परभणी जिले के विकास को गति देते हुए विभिन्न लंबित मामलों को सुलझाने, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने और आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण रखकर अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने वाले जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण को उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर पालक मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर के हाथों मानपत्र देकर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। वहीं, नूतन जिलाधिकारी अण्णासाहेब चव्हाण का स्वागत किया गया। इस दौरान विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार रखते हुए जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण के प्रशासनिक सेवा में दिए गए योगदान की सराहना की।
जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन सभागार में आज जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण का विदाई समारोह संपन्न हुआ। इस समारोह में महापौर सैयद इकबाल सैयद ख्वाजा, वसंतराव नाइक मराठवाडा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्र मणि, सेलु के नगराध्यक्ष मिलिंद सावंत, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नतिशा माथुर, वरिष्ठ कवि इंद्रजीत भालेराव, अपर जिलाधिकारी शोभा जाधव, महानगरपालिका आयुक्त नितिन नार्वेकर, निवासी उपजिलाधिकारी अनुराधा ढालकरी, उपविभागीय अधिकारी उदयसिंह भोसले, जीवराज डापकर, शैलेश लाहोटी के साथ ही जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण की पत्नी संयोगिता चव्हाण व परिवारजन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, पदाधिकारी, पत्रकार और नागरिक उपस्थित रहे।
लंबित मामलों को सुलझाने में श्री चव्हाण का योगदान महत्वपूर्ण – पालक मंत्री
पालक मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर ने कहा कि जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण ने अपने कार्यकाल के दौरान परभणी जिले की कई लंबित समस्याओं को कुशलतापूर्वक हल किया। जिले के विकास को गति देने के साथ-साथ उन्होंने कई जनहित के कार्यों को भी प्रभावी ढंग से पूरा किया। उनके प्रशासनिक अनुभव, निर्णय लेने की क्षमता और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता के कारण जिले के विभिन्न कार्यों में तेजी आई। उनके प्रभावी कार्यों का जिले की प्रशासनिक यात्रा पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है।
संवेदनशील और सरल व्यक्तित्व के अधिकारी
वसंतराव नाइक मराठवाडा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्र मणि ने संजयसिंह चव्हाण की कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वे एक सरल, संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यक्तित्व के धनी हैं और उनके कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। उन्होंने कहा कि उनके साथ काम करने का अनुभव बेहद मूल्यवान रहा है।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नतिशा माथुर ने श्री चव्हाण की प्रशासनिक कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न विषयों पर त्वरित निर्णय लेकर कार्य पूरा करने की उनकी कला उल्लेखनीय थी। उनकी कार्यपद्धति से प्रशासन में तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा साफ झलकती थी।
वरिष्ठ कवि इंद्रजीत भालेराव ने संजयसिंह चव्हाण की सुसंस्कृत और संवेदनशील कार्यशैली की प्रशंसा की। उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए उन्होंने श्री चव्हाण के व्यक्तित्व की आत्मीयता और प्रशासनिक कार्यों में उनके सकारात्मक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।
36 वर्षों की सेवा में जनहित को दी प्राथमिकता
सम्मान के जवाब में जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का उन्होंने हरसंभव प्रयास किया, जिसका उन्हें गहरा आत्मसंतोष है। उन्होंने कहा कि अपने 36 वर्षों के सेवाकाल के दौरान प्रशासन के माध्यम से आम नागरिकों, गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। परभणी जिले में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सहकर्मियों के सहयोग से वे विभिन्न कार्यों को पूरी निष्ठा के साथ पूरा कर सके। उन्होंने संदेश दिया कि प्रशासनिक कामकाज के दौरान आम आदमी ही केंद्र बिंदु होना चाहिए और प्रशासन के प्रत्येक अंग को हर नागरिक की समस्या को संवेदनशीलता से समझते हुए उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करना चाहिए।
नूतन जिलाधिकारी अण्णासाहेब चव्हाण ने कहा कि परभणी जिले के विकास कार्यों को और अधिक गति देने के साथ-साथ नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने और विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के माध्यम से प्रयास किए जाएंगे। उनका पूरा जोर जिले की सर्वांगीण प्रगति के लिए आपसी समन्वय और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम करने पर रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण की कार्यशैली और प्रशासनिक योगदान को याद करते हुए उन्हें उनके भविष्य के जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
अनुकंपा धारकों को नियुक्ति पत्रों का वितरण
इस अवसर पर पालक मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर के हाथों बीस अनुकंपा धारकों को नियुक्ति पत्र तथा अनुशंसा पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम की प्रस्तावना उपविभागीय अधिकारी उदयसिंह भोसले ने रखी। मानपत्र द्वारा प्रदान किया गया सम्मान, गणमान्य अतिथियों द्वारा व्यक्त की गई भावनाएं और सहकर्मियों द्वारा दिखाया गया आदर इस विदाई समारोह को बेहद खास बना गया।
इस दौरान जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण के प्रशासनिक कार्यों और जिले के विकास में उनके योगदान की यात्रा को दर्शाने वाली एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। उनके कृतित्व का परिचय कराने वाली इस वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) के माध्यम से उनकी सेवा यात्रा की पुरानी यादों को ताजा किया गया।
प्रशासनिक सेवा में किए गए कार्यों की अमिट छाप और सहकर्मियों के दिलों में पैदा किए गए विश्वास की यादों को संजोते हुए जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण को सम्मान के साथ विदाई दी गई, जबकि नूतन जिलाधिकारी अण्णासाहेब चव्हाण का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। 
