
परभणी (दि. 30): ग्रामीण इलाकों के नागरिकों को उनके ही गाँवों में नियमित, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री तथा पालकमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर की पहल पर ‘पालकमंत्री आरोग्यदूत अभियान’ चलाया जाएगा।
इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सेलु स्थित साई नाट्यगृह में सेलु और जिंतूर तहसीलों के स्वास्थ्य विभाग की एक संयुक्त समीक्षा बैठक पालकमंत्री की अध्यक्षता में आज संपन्न हुई।
इस अभियान के तहत ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों’ के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, स्वास्थ्य परिचारिकाओं (एनम) और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सहयोग से प्रत्येक गाँव का एक स्वतंत्र स्वास्थ्य कार्य योजना तैयार किया जाएगा। गाँवों की स्वास्थ्य समस्याओं, बीमारियों के प्रमाण, जोखिम समूहों और नागरिकों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए निश्चित समयानुसार गाँव-गाँव में स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जाएंगी।
इस अभियान में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। मातृ-बाल स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, एनीमिया (रक्तक्षय) की रोकथाम, मधुमेह और उच्च रक्तचाप की जाँच, तपेदिक (टीबी) और कुष्ठ रोग खोज अभियान तथा डेंगू, मलेरिया जैसे संक्रामक रोगों के निवारक उपायों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
आरोग्यदूत के दौरों के दौरान आवश्यक दवाओं का वितरण, स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श, स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन और आवश्यकतानुसार रोगियों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा व्हाट्सएप, ग्राम पंचायत, स्कूलों और स्थानीय संचार माध्यमों के जरिए स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता फैलाई जाएगी।
जिले का एक भी नागरिक स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे, इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहकर नागरिकों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ देनी चाहिए। एक निश्चित कार्य योजना के अनुसार सभी तंत्रों को आपसी समन्वय के साथ इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए, ऐसे निर्देश पालकमंत्री मेघना बोर्डीकर ने दिए।
बैठक में पालकमंत्रियों के प्रशासनिक सलाहकार डॉ. राहुल आनेराव, अनिकेत पापुलवाड, सेलु के नगाध्यक्ष मिलिंद सावंत, पूर्व सभापति दिनकर वाघ, शिवाजी कदम, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किशोर सुरवसे, उपजिला अस्पताल सेलु के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय हरबडे, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रावजी सोनवणे, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) उदय जाधव, जिंतूर के तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आबासाहेब जाधव सहित चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मचारी और जिला कार्यक्रम समन्वयक उपस्थित थे।

