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रभणी — परभणी मेडिकल कॉलेज एवं आर. पी. अस्पताल में विधायक डॉ. राहुल पाटिल की पहल पर दो दिवसीय मराठवाड़ा शल्य चिकित्सा सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, उन्नत उपचार पद्धतियों और चिकित्सीय अनुसंधान के आदान-प्रदान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ मराठवाड़ा क्षेत्रीय शल्य चिकित्सा सम्मेलन ‘MARSCON 2026’ परभणी में अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। परभणी सर्जिकल सोसाइटी के तत्वावधान में परभणी मेडिकल कॉलेज, आर. पी. अस्पताल एवं अनुसंधान संस्थान में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
इस सम्मेलन में 200 से अधिक शल्य चिकित्सकों, 250 से अधिक डॉक्टरों और स्नातकोत्तर (पीजी) चिकित्सा विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विभिन्न गंभीर बीमारियों से पीड़ित 25 रोगियों पर की गई नि:शुल्क शल्य चिकित्सा (मुफ्त ऑपरेशन) इस सम्मेलन की प्रमुख विशेषता रही।
इस दो दिवसीय सम्मेलन में आधुनिक शल्य चिकित्सा पद्धतियों, उन्नत चिकित्सीय तकनीक, नवीन अनुसंधानों और रोगी सेवा के स्तर को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन के अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र की प्रतिष्ठित औषधि निर्माता कंपनियों और शल्य चिकित्सा उपकरणों का निर्माण करने वाली कंपनियों की एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था।
सम्मेलन में डॉ. अनिल देगावकर, डॉ. राम तिडके, डॉ. नितिन जोशी, डॉ. संतोष शिंदे, डॉ. मुक्तादिर अंसारी, डॉ. मुकेश राठौड़, डॉ. पंकज झावर, डॉ. हमीद-उल-करीम, डॉ. कौशल कोंडावार, डॉ. निहार चांडक और डॉ. अनघा वारुडकर ने वक्ताओं के रूप में मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही डॉ. विजय बोरगांवकर, डॉ. अजय पुनपाले, डॉ. प्रवीण सूर्यवंशी, डॉ. हरिश्चंद्र वांगे, डॉ. अतुल देशपांडे, डॉ. विजय कदम, डॉ. एकनाथ गबाले और डॉ. निखिल चौहान ने विभिन्न शैक्षणिक सत्रों में भाग लिया।
चर्चा सत्रों में डॉ. नितिन ताठे, डॉ. अस्फिया खान, डॉ. प्रकाश देवड़े और डॉ. राहुल राठौड़ ने विषय विशेषज्ञों (पैनलिस्ट) के रूप में अपना योगदान दिया।
सम्मेलन का सफल आयोजन परभणी सर्जिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. परमेश्वर साल्वे के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें डॉ. श्रीकृष्ण कातनेश्वरकर, डॉ. भगवान कोरडे, डॉ. गणेश चव्हाण और डॉ. हमीद करीम ने मुख्य भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के आयोजन में आर. पी. मेडिकल कॉलेज के संस्थापक एवं विधायक डॉ. राहुल पाटिल तथा अधिष्ठाता (डीन) डॉ. प्रमोद शिंदे का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।