राज्यराजनीति

​सूखा राहत उपायों को दें प्राथमिकता- लंबित कार्यों को तुरंत पूरा करें

​जिलाधिकारी अन्नासाहेब चव्हाण के विभागाध्यक्षों को निर्देश

​विभागवार समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश

​परभणी:

जिले में सूखे की स्थिति के मद्देनजर नागरिकों को राहत देने के लिए सभी विभागाध्यक्ष सूखा निवारण के उपायों को पहली प्राथमिकता दें। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर जरूरतमंद नागरिकों तक उनका लाभ पहुंचाएं। साथ ही, विभिन्न विभागों के लंबित कार्यों को तुरंत पूरा कर विकास कार्यों में तेजी लाएं, यह निर्देश जिलाधिकारी अन्नासाहेब चव्हाण ने दिए।

​जिलाधिकारी श्री चव्हाण ने आज जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन सभागार में जिले के सभी विभागाध्यक्षों की बैठक लेकर विभागवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले के महत्वपूर्ण मुद्दों, विभागों के समक्ष आ रही समस्याओं, लंबित कार्यों की वर्तमान स्थिति और सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के संबंध में जानकारी ली।

​जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले में सूखे के कारण नागरिकों, विशेषकर किसानों और ग्रामीण क्षेत्र की जनता को राहत देना अत्यंत आवश्यक है। इस पृष्ठभूमि में संबंधित विभाग सूखा राहत के लिए आवश्यक योजनाओं का प्रभावी खाका तैयार कर उनका कड़ाई से पालन करें। नागरिकों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करे।

​लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर

​विभागाध्यक्ष इस बात का विशेष ध्यान रखें कि विभिन्न विभागों में फाइलें या काम बिना कारण लंबित न रहें। लंबित मामलों की समीक्षा कर उनका तत्काल निपटारा किया जाए। जिलाधिकारी चव्हाण ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्यों और तय कामों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य है, जिसके लिए हर विभाग को स्वतंत्र योजना बनानी चाहिए।

​उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने, नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान करने और प्रशासनिक कार्यों में अधिक गतिशीलता लाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में केवल लक्ष्य पूरा करना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका प्रत्यक्ष लाभ नागरिकों को मिल रहा है या नहीं।

​विभागों में बेहतर समन्वय से पूरे करें विकास कार्य

​जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले के विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए सभी विभागाध्यक्षों का आपस में समन्वय होना आवश्यक है। यदि एक विभाग के काम का संबंध दूसरे विभाग से है, तो संबंधित विभाग मिलकर समस्याओं का समाधान निकालें। आपसी समन्वय के अभाव में कोई भी काम रुकना नहीं चाहिए। इसके अलावा, काम की सटीकता, गुणवत्ता और समय प्रबंधन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

​उन्होंने हर विभाग को अपनी जिम्मेदारियां तय कर नियमित समीक्षा करने और समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का प्रयास करने को कहा।

​बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

​इस अवसर पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नतिशा माथुर, नगर निगम आयुक्त नितिन नार्वेकर, अपर जिलाधिकारी शोभा जाधव, निवासी उपजिलाधिकारी अनुराधा ढालकरी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मी खांडेकर, उपविभागीय अधिकारी उदयसिंह भोसले, शैलेश लाहोटी, युवराज डापकर सहित सभी विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।

​बैठक में मौजूद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश भूषण काले ने पालम में आयोजित होने वाले कानूनी एवं सरकारी योजनाओं से संबंधित सूचना शिविर के लिए सभी विभागाध्यक्षों से सहयोग करने की अपील की।

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