
परभणी-
आयुक्त, स्वास्थ्य सेवा तथा अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, महाराष्ट्र राज्य, श्री. संजय श्रीपतराव काटकर ने शनिवार, दिनांक ३१ अक्टूबर २०२६ को जिला सामान्य अस्पताल, परभणी का दौरा कर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सीय सुविधाओं और उपचार व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। साथ ही, जिले के स्वास्थ्य तंत्र के कामकाज की विस्तृत समीक्षा करते हुए नागरिकों को उच्च-स्तरीय, गुणवत्तापूर्ण और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरे के दौरान आयुक्त श्री. काटकर ने अस्पताल के गहन चिकित्सा (आईसीयूड) विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की चिकित्सा संबंधी बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई, रोगियों को प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार व्यवस्था और भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने रोगियों और उनके परिजनों से प्रत्यक्ष संवाद कर उपचार की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में प्रतिक्रिया जानी। अस्पताल की सेवा-सुविधाओं पर परिजनों द्वारा व्यक्त किए गए संतोष का उन्होंने संज्ञान लिया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पात्र संविदा कर्मचारियों द्वारा निर्णय पर व्यक्त किया गया आनंद
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत लंबी अवधि तक सेवा देने वाले पात्र संविदा कर्मचारियों के लिए अतिसंंख्य पद सृजित कर समकक्ष वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए पात्र कर्मचारियों ने आयुक्त श्री. संजय काटकर से भेंट की। इस अवसर पर कर्मचारियों ने शासन के निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए आयुक्त का आभार जताया।
थैलेसीमिया-मुक्त हुए बच्चों के साथ आयुक्त का स्नेहिल संवाद
जिला शल्य चिकित्सक के कक्ष में आयोजित बैठक के दौरान थैलेसीमिया-मुक्त अभियान के अंतर्गत अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (बोन मैरो ट्रांसप्लांट) सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुए तीन बच्चों तथा उनके डोनर से आयुक्त श्री. काटकर ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को गुलाब का फूल और खाद्य सामग्री भेंट कर उनके साथ स्नेहपूर्ण संवाद किया तथा उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस प्रसंग पर बच्चों ने आयुक्त श्री. काटकर के हाथों पर रिबन बैंड बांधकर थैलेसीमिया-मुक्त अभियान के प्रति अपना समर्थन प्रदर्शित किया। इस उपक्रम के माध्यम से थैलेसीमिया से ग्रस्त बच्चों को मानसिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ इस अभियान के बारे में समाज में एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया।
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम और गुणवत्तापूर्ण बनाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में जिला शल्य चिकित्सक, जिला स्वास्थ्य अधिकारी तथा विभिन्न संवर्गों के अधिकारियों के साथ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जन-उन्मुख बनाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। स्वास्थ्य संस्थाओं में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, संस्थाओं के मूल्यांकन, कामकाज के आकलन, अधिकारियों की नवाचारी संकल्पनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक उपायों की समीक्षा की गई।
नागरिकों को समय पर, सुलभ, उच्च-स्तरीय और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग का प्रमुख उत्तरदायित्व है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय, जवाबदेही और सेवाभावी भावना के साथ कार्य करना चाहिए। स्वास्थ्य संस्थाओं की सेवा-सुविधाओं में निरंतर सुधार लाकर रोगियों की संतुष्टि और स्वास्थ्य सेवा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए, ऐसे निर्देश आयुक्त श्री. काटकर ने इस अवसर पर दिए।
उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर उप निदेशक, स्वास्थ्य सेवा, छत्रपती संभाजीनगर मंडल डॉ. कांचन वानरे, विभागीय प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य डॉ. कडले, मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता (डीन) डॉ. विश्वजीत पवार, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. नागेश लखमावार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किशोर सुरवसे, अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. सारिका बडे, निवासी चिकित्सा अधिकारी डॉ. काज़ी, सहायक निदेशक (कुष्ठ रोग) डॉ. कदम, जिला माता एवं बाल संगोपन अधिकारी डॉ. शिंदे, क्षयरोग चिकित्सा अधिकारी डॉ. केंद्रेकर, जिला प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य डॉ. गुंजकर, श्रीमती घोडके, जिला स्त्री अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेंद्र वर्मा, उपजिला एवं ग्रामीण अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक, सभी तालुका स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, आरबीएसके टीम, जिला कार्यक्रम समन्वयक तथा जिला सामान्य अस्पताल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
