
परभणी (प्रतिनिधि): सूखाग्रस्त परिस्थितियों के कारण पाथरी सहित परभणी जिले के किसानों की फसलों हेतु सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने की मांग विधायक राजेश विटेकर ने गत सप्ताह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भेंट कर की थी। इस मांग को सफलता मिली है तथा फसलों के लिए चार बार पानी की आपूर्ति देने का निर्णय आज जल संसाधन मंत्री की अध्यक्षता में छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित ‘नहर सलाहकार समिति’ की बैठक में लिया गया।
परभणी जिले की बायीं एवं दायीं नहरों को इस सिंचाई व्यवस्था का लाभ प्राप्त होगा, जिसके अंतर्गत जिले के विस्तृत कृषि क्षेत्र को सिंचाई के अधीन लाने की योजना बनाई गई है।
अंतिम छोर तक पानी पहुँचाने के लिए पुलिस संरक्षण का प्रबंध भी किए जाने की जानकारी विखे पाटिल ने दी।
जायकवाड़ी परियोजना की पैठण बायीं एवं दायीं नहरों द्वारा रबी सत्र 2026-27 में लाभान्वित कृषि क्षेत्रों की फसलों के लिए चार बार सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराने का नियोजन किया गया है। यह जल फेरी 5 नवंबर को प्रारंभ होगी।
साथ ही, माजलगांव बांध में भी जल छोड़ा जाएगा एवं जायकवाड़ी बांध में उपलब्ध जल भंडार से गोदावरी नदी के प्रवाह क्षेत्र में स्थित सभी बैराजों को पूर्ण रूप से भरा जाएगा।
उपलब्ध जल भंडार, पेयजल की आवश्यकता, औद्योगिक उपयोग, वाष्पीकरण एवं आरक्षित जल राशि का सूक्ष्म विश्लेषण कर सिंचाई की योजना तैयार की गई है।
संभावित अल-नीनो की पृष्ठभूमि में 13 जून 2026 के शासकीय पत्र के अनुसार सिंचाई हेतु जल विमोचन (पानी छोड़ने) पर प्रतिबंध लगाया गया था।
किंतु जायकवाड़ी परियोजना की बायीं और दायीं नहरों के लाभान्वित क्षेत्रों में औसत से कम वर्षा होने के कारण जन प्रतिनिधियों ने सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराने का आग्रह किया था।
इन सिंचाई फेरी के माध्यम से रबी फसलों के साथ-साथ चारे, पेयजल एवं पशुओं के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
तदनुसार, आज संपन्न हुई जायकवाड़ी नहर सलाहकार समिति की बैठक में यह महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।