नांदेड:
दक्षिण मध्य रेलवे मुख्यालय के निर्देशों के अनुपालन में नांदेड मंडल द्वारा १३ जुलाई से १९ जुलाई २०२६ तक रेलगाड़ियों तथा रेलवे स्टेशन परिसरों में अनाधिकृत विक्रेताओं (फेरीवालों) के विरुद्ध एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता बनाए रखने, अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने तथा रेल यात्रियों को सुरक्षित एवं बाधारहित यात्रा का अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से इस सप्ताहव्यापी अभियान का आयोजन किया गया था।
इस अभियान की अवधि में रेलवे अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत ४७ अनाधिकृत विक्रेताओं के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की गई, जिनसे कुल ₹३६,८५०/- की राशि अर्थदंड (जुर्माने) के रूप में वसूल की गई।
इन रेल खंडों पर संचालित हुआ अभियान
यह विशेष अभियान नांदेड मंडल के निम्नलिखित प्रमुख रेल खंडों (सेक्शनों) पर संचालित किया गया:
- मनमाड – जालना
- पूर्णा – अकोला
- नांदेड – पूर्णा
- पूर्णा – छत्रपति संभाजीनगर
- मुदखेड – छत्रपति संभाजीनगर
- पूर्णा – वाशिम
- आदिलाबाद – मुदखेड
- पूर्णा – परली वैजनाथ
यात्रियों के हित में निरंतर जारी रहेंगे निरीक्षण
रेलवे प्रशासन के अनुसार, रेलगाड़ियों एवं स्टेशन परिसरों में अनाधिकृत वेंडिंग (फेरी लगाने) से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। साथ ही इससे स्टेशन परिसर की स्वच्छता और व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इस प्रकार के निरंतर अभियानों से केवल अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से ही गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ मिलना सुनिश्चित होता है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुखद यात्रा का अनुभव प्राप्त होता है।
अनाधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर पूर्णतः रोक लगाने तथा रेल यात्रियों के हितों का संरक्षण करने हेतु नांदेड मंडल द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण एवं विशेष अभियान नियमित रूप से चलाए जाएँगे।
रेलवे प्रशासन की यात्रियों से अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से आग्रही अनुरोध किया है कि वे खाद्य सामग्री एवं अन्य वस्तुओं की खरीदारी केवल अधिकृत रेलवे विक्रेताओं, कैंटीन तथा स्टालों से ही करें। अनाधिकृत फेरीवालों को किसी भी प्रकार से प्रोत्साहित न करें। यदि कोई अनाधिकृत विक्रेता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत रेल कर्मचारियों को दें अथवा रेलवे हेल्पलाइन नंबर १३९ पर दर्ज कराएँ। एक सुरक्षित, स्वच्छ एवं यात्री-अनुकूल रेल वातावरण के निर्माण में यात्रियों का सहयोग अत्यंत अनिवार्य है।

