
परभणी
स्थानीय ज्ञानोपासक कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय में सेवारत श्रीमती अश्विनी शाहूराज वाघमारे -कांबळे ने कंप्यूटर विज्ञान विषय में अपने अथक परिश्रम, दृढ़ संकल्प तथा निरंतर शोध के आधार पर विद्यावाचस्पति (पीएच.डी.) की उपाधि अर्जित की है। उन्होंने अपना शोध कार्य ‘ब्लर इमेज रेस्टोरेशन यूजिंग सॉफ्ट कंप्यूटिंग टेक्निक्स’ (Blur Image Restoration Using Soft Computing Techniques) विषय पर सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
उनके इस शोध कार्य के लिए श्री संत जनाबाई कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, गंगाखेड के शोध निर्देशक डॉ. सुहास सूर्यकांतराव सातोणकर का अमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
श्रीमती अश्विनी शाहूराज वाघमारे की इस विशिष्ट उपलब्धि पर स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, नांदेड़ के कुलपति डॉ. मनोहर चासकर, प्रति-कुलपति डॉ. अशोक महाजन तथा उनके शोध निर्देशक डॉ. सुहास सूर्यकांतराव सातोणकर ने उनका अभिनंदन किया।
उनकी इस सफलता पर ज्ञानोपासक शिक्षा प्रसारक मंडल के अध्यक्ष गणेशराव दुधगांवकर, सचिव प्राचार्या डॉ. संध्याताई दुधगांवकर, डॉ. समीर दुधगांवकर, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शेख मो. बाबर, शारदा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बबन पवार, प्रो. डॉ. रत्नाकर कांबळे, प्रो. डॉ. सच्चिदानंद खडके, डॉ. दत्ता चामले, डॉ. सुनील बल्लाळ, ज्ञानोपासक महाविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. भिसे, प्रो. ज्योती आगरमोरे, प्रो. खाजा, प्रो. शीतल थिटे, प्रो. विद्या वाघमारे, प्रो. वैभव कदम, प्रो. प्रद्युम्न माने, प्रो. जुनेद शेख, प्रो. हजेरा चाऊस, प्रो. संपदा कंदी एवं विशाल घोडके सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों, शिक्षेतर कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों ने उन्हें बधाई दी।
कंप्यूटर विज्ञान के अंतर्गत ‘ब्लर इमेज रेस्टोरेशन’ जैसे आधुनिक शोध क्षेत्र में किया गया यह कार्य अत्यंत उल्लेखनीय है। श्रीमती वाघमारे की इस शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धि की सर्वत्र सराहना की जा रही है तथा सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और आगामी शोध यात्रा हेतु शुभकामनाएं व्यक्त कीं।