
वसमत (हिंगोली):
रक्षाबंधन केवल रक्षासूत्र बांधने का पर्व नहीं, अपितु संकट और विपदा के समय बहन के साथ दृढ़ता से खड़े रहने का आत्मीय भाव है। इसी उदात्त भावना को चरितार्थ करते हुए, हिंगोली जनपद के वसमत तहसील अंतर्गत ग्राम गुंडा निवासी निराश्रित विधवा सावित्री गिरामाजी भालेराव को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से होम्योपैथिक एकेडमी ऑफ रिसर्च एंड चैरिटीज़ (एचएआरसी), परभणी द्वारा 2 एचपी क्षमता की ‘ऑल इन वन’ आटा चक्की उपहार स्वरूप प्रदान की गई।
सावित्री का हाल--सावित्री ताई मूलतः ग्राम सुकली ,तहसील वसमत की निवासी हैं। उनके पति स्व. गिरामाजी भालेराव का 9 नवंबर 2018 को असाध्य व्याधि के कारण देहावसान हो गया था। पति के निधनोपरांत वर्ष 2018 से ही वे अपने मायके ग्राम गुंडा में अपनी दो पुत्रियों के साथ निवास कर रही हैं और दैनिक श्रम-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
उनकी ज्येष्ठ पुत्री वेदिका ,कक्षा नवमी तथा कनिष्ठ पुत्री रानी कक्षा पाचवी स्थानीय जिला परिषद प्राथमिक शाला, गुंडा में अध्ययनरत हैं। सावित्री ताई के पास कोई कृषि भूमि अथवा अचल संपत्ति नहीं है। पति के निधन के पश्चात उन्हें किसी प्रकार की पेंशन अथवा शासकीय वित्तीय सहायता भी प्राप्त नहीं हो रही है। ससुराल अथवा मायके पक्ष से भी कोई विशेष आर्थिक संबल न होने के कारण संपूर्ण परिवार का निर्वाह दैनिक मजदूरी पर ही आश्रित है। स्वयं का आवास न होने से वे अपने भ्राता के घर पर आश्रय लिए हुए हैं।
दैनिक मजदूरी की अनिश्चित आय पर निर्भर इस परिवार को केवल तात्कालिक सहायता देने के बजाय स्थायी आजीविका का साधन प्रदान करने के ध्येय से ₹19 हजार मूल्य की 2 एचपी ‘ऑल इन वन’ आटा चक्की उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से सावित्री ताई गृह स्तर पर ही लघु स्वरोजगार प्रारंभ कर स्वावलंबन एवं आर्थिक सुदृढ़ता प्राप्त कर सकेंगी।
जनसहयोग से साकार हुआ सेवा संकल्प
इस पुनीत सेवा प्रकल्प में जुगलजी राठी, हार्दिक ठाकर, डॉ. दिनेश भुतडा, डॉ. यशवंत पाटील, राजू अग्रवाल, राहुल पतंगे, तानाजी भोसले, व्ही. टी. शिंदे एवं नंदकुमार डोंगरे ने उल्लेखनीय आर्थिक योगदान दिया।
यंत्र वितरण के इस अवसर पर एचएआरसी संस्था के अध्यक्ष डॉ. पवन सत्यनारायण चांडक, डॉ. दिनेश भुतडा, पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी तानाजी भोसले, चंद्रकांत अमिलकंठवार, सत्यनारायण चांडक, डॉ. राजकुमार भारुका, संजयजी लाहोटी, बापूसाहेब सावंत, शिवाजी भालेराव, संतोष चव्हाण, व्ही. टी. शिंदे, माणिकराव भालेराव, नागेश भालेराव तथा चंद्रकांत लोंढे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में निरंतर अग्रसर
महिलाओं को केवल दान अथवा सीमित आर्थिक अनुदान देने के स्थान पर उन्हें आत्मनिर्भरता हेतु आजीविका के ठोस साधन उपलब्ध कराने पर एचएआरसी संस्था विशेष बल देती रही है। संस्था द्वारा अब तक हिंगोली एवं परभणी जनपदों की 100 निराश्रित, विधवा एवं वंचित महिलाओं को सिलाई यंत्र, आटा चक्की, अजा-पालन (बकरी-मेमने) सहित विविध स्वरोजगार उपकरण उपलब्ध कराकर स्वावलंबी बनाया जा चुका है।