
परभणी, 18 अगस्त 2026:
केंद्र सरकार एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत स्थानीय बाल विद्या मंदिर में एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल्यावस्था में ही व्यसनों के दुष्प्रभावों से अवगत कराकर एक सुसंस्कृत, संस्कारवान और स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण करना था।
समारोह की मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी बी.के. शारदा दीदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “वर्तमान युग में मानसिक तनाव और कुसंगति के कारण युवा पीढ़ी व्यसन की ओर आकर्षित हो रही है। व्यसनों से दूर रहने के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक रूप से सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा सिखाया जाने वाला राजयोग और सकारात्मक चिंतन विद्यार्थियों के आत्मबल को बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है।”
कार्यक्रम के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियां संपन्न हुईं:
- तंबाकू, सिगरेट, मदिरा और मादक पदार्थों (ड्रग्स) के सेवन से स्वास्थ्य एवं भविष्य पर पड़ने वाले अत्यंत घातक प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई।
- विद्यार्थियों की एकाग्रता में वृद्धि एवं तनावमुक्ति हेतु पाँच मिनट का ध्यान (राजयोग मेडिटेशन) कराया गया।
- अंत में विद्यालय के सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने स्वयं किसी भी प्रकार के व्यसन से दूर रहने तथा अपने परिवार व समाज को व्यसनमुक्त बनाने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली।
इस अवसर पर विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य श्री तुम्मेवार, ब्रह्माकुमारी केंद्र के प्रतिनिधि बी.के. शारदा दीदी, बी.के. अमोल सातभाई, बी.के. प्रियंका सातभाई सहित समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
उप-प्रधानाचार्य ने ब्रह्माकुमारी संस्था के इस उपक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा विद्यार्थियों से इन उदात्त विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री चंद्रकांत सिरसकर ने किया।

