राज्यशिक्षा

बाल विद्यामंदिर हाईस्कूल के शिक्षक प्रवीण सोनोने का सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह संपन्न

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥ इस श्लोक अनुसार किया कर्म  तभी मिला सम्मानित  होने का अवसर 

​परभणी:

शहर के प्रतिष्ठित बाल विद्यामंदिर हाईस्कूल के शिक्षक श्री प्रवीण मनोहरराव सोनोने 31 वर्षों की दीर्घ व समर्पित सेवा के बाद 30 सितंबर को अपनी अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर संस्था की ओर से उनके सम्मान में भव्य सेवापूर्ति गौरव समारोह का आयोजन किया गया।

​कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के सचिव डॉ. विवेक नावंदर ने की। इस दौरान संस्था के उपाध्यक्ष एडवोकेट विलासराव पोहंडूलकर, सदस्य एडवोकेट अशोक सोनी, पवनकुमार झांजरी, डॉ. अनिता विवेक नावंदर, एम. जी. विहीटकर, प्रधानाध्यापक अरुण बोराडे, उप-प्रधानाध्यापक रामदास तुम्मेवा सममान प्रवीण सोनोने, उनकी धर्मपत्नी प्रियंका सोनोने और माताजी सुमन सोनोने प्रमुखता से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों के कर-कमलों द्वारा प्रवीण सोनोने को स्मृति चिह्न एवं मानपत्र (प्रशस्ति पत्र) भेंट कर सम्मानित किया गया।

​संस्था के सदस्य एडवोकेट अशोक सोनी, पवनकुमार झांजरी, डॉ. अनिता नावंदर और एम. जी. विहीटकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सोनोने के शैक्षणिक योगदान की सराहना की और उनके भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

​सम्मान मुर्ति प्रवीण सोनोने ने अपने विचार रखते हुए संस्था के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा, “विगत 31 वर्षों में संस्था ने मेरे व्यक्तित्व को निखारने में सदैव पूरा संबल दिया। इसी सहयोग के बल पर मैं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और काउंसलिंग का कार्य सफलतापूर्वक कर सका। छात्रों को ईश्वर मानकर निरंतर अध्यापन किया, जिसके चलते सेवानिवृत्त होते हुए भी मन में असीम आत्मिक संतोष और आनंद है। माता-पिता के संस्कार, स्वर्गीय पांडुरंग नावंदर व स्वर्गीय वासंतीताई नावंदर की शिक्षाएं और धर्मपत्नी के निरंतर सहयोग से ही मैं अध्यापन के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे सका।”

​अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. विवेक नावंदर ने कहा, “बाल विद्यामंदिर शिक्षा संस्था की पहचान उसके ज्ञानी, जिज्ञासु और कर्मठ शिक्षकों से है। संस्था ने ऐसे शिक्षकों को सदा प्रोत्साहित किया है। एक शिक्षक को निरंतर विद्यार्थी बने रहना चाहिए और नए-नए कौशल सीखते रहना चाहिए। इसी राह पर चलते हुए श्री सोनोने ने हिंदी और इतिहास विषय पढ़ाने के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए करियर काउंसलिंग के महत्वपूर्ण क्षेत्र को चुना। यही कारण था कि महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल ने उन्हें परभणी जिले के लिए काउंसलर नियुक्त किया। उन्होंने मनोवैज्ञानिक परीक्षणों के माध्यम से हजारों छात्रों को करियर की सही राह दिखाई। ऐसे आदर्श शिक्षक को सम्मानित करते हुए हमें गर्व का अनुभव हो रहा है।”

​इस अवसर पर श्रीमती प्रियंका सोनोने, डॉ. गौरव सोनोने, प्राचार्य अनिल बोरनारे, पर्यवेक्षक प्रदीप रूघे, डॉ. अतुल जाधव, डॉ. गजानन जूमडे, नारायण कदम, रमाकांत पैंजणे और पत्रकार सुरेंद्र पाथरीकर ने भी अपने विचार रखे।

​कार्यक्रम का कुशल संचालन और आभार प्रदर्शन सुभाष ढगे ने किया। समारोह में संस्था के कर्मचारी, मित्रगण और सोनोने परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button