
परभणी (विशेष संवाददाता):
स्थानीय शारदा महाविद्यालय में ‘राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस’ बड़े ही उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बबन पवार ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. डॉ. भगवान पाटिल उपस्थित रहे। मंच पर उप-प्राचार्य डॉ. श्यामसुंदर वाघमारे और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो. डॉ. संतोष नाकाडे भी मौजूद थे।
समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. बबन पवार ने कहा कि आज का युवा ही देश का वास्तविक भाग्यविधाता है। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना को युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण की एक महत्वपूर्ण कार्यशाला बताते हुए कहा कि यह देश का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। इस योजना के माध्यम से प्रशिक्षित होकर निकले लाखों विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में देश का सफल नेतृत्व कर रहे हैं। युवाओं के सर्वांगीण विकास में एनएसएस की भूमिका को अहम बताते हुए उन्होंने छात्रों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
नई शिक्षा नीति और प्रायोगिक प्रशिक्षण पर जोर
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. भगवान पाटिल ने राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्यों और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति , फील्ड प्रोजेक्ट्स और ऑन-जॉब ट्रेनिंग (कार्यांतर्गत प्रशिक्षण) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि नई नीति से छात्रों को व्यावहारिक और अनुभवात्मक ज्ञान मिलेगा, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे। इस अवसर पर छात्रों का ‘माय भारत’ पोर्टल पर पंजीकरण कराया गया तथा ‘विकसित भारत’ विषय पर एक ऑनलाइन परीक्षा का भी आयोजन हुआ।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संतोष नाकाडे ने किया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. डॉ. सचिन खडके ने प्रास्ताविक भाषण दिया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रो. डॉ. नवनाथ सिंगापूरे द्वारा किया गया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापक, प्रशासनिक कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।