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परभणी के श्री शिवाजी महाविद्यालय को यूजीसी द्वारा स्वायत्त दर्जा प्राप्त

परभणी के श्री शिवाजी महाविद्यालय को यूजीसी द्वारा स्वायत्त दर्जा प्राप्त

स्वायत्तता प्राप्त करने वाला जनपद का प्रथम महाविद्यालय

परभणी:

नगर स्थित श्री शिवाजी कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), नई दिल्ली द्वारा स्वायत्त (ऑटोनॉमस) दर्जा प्रदान किया गया है। यह जानकारी प्राचार्य डॉ. बालासाहेब जाधव ने दी। इसके साथ ही यह स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय परिक्षेत्र का तीसरा तथा परभणी जनपद का स्वायत्तता प्राप्त करने वाला प्रथम महाविद्यालय बन गया है।

​यद्यपि महाविद्यालय को यह स्वायत्तता प्राप्त हो चुकी है, किंतु इसका प्रत्यक्ष क्रियान्वयन शैक्षणिक सत्र २०२७-२८ से किया जाएगा। इस स्वायत्तता के अंतर्गत विभिन्न विषयों के लिए स्वतंत्र अध्ययन मंडलों (बोर्ड ऑफ स्टडीज) का गठन किया जाएगा। विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर स्वतंत्र पाठ्यक्रम निर्माण हेतु प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं स्वायत्त महाविद्यालयों के विशेषज्ञ प्राध्यापकों को सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

​स्वायत्तता मिलने के उपरांत महाविद्यालय द्वारा स्वतंत्र परीक्षा विभाग स्थापित कर सत्रांत परीक्षाएं समय पर आयोजित की जाएंगी तथा परीक्षा परिणाम भी समयबद्ध रूप से घोषित किए जाएंगे, जिससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू होने वाली इस व्यवस्था के लिए विद्या परिषद (एकेडेमिक काउंसिल) की स्थापना की जाएगी, साथ ही उद्योगों की मांग के अनुरूप अनेक व्यावसायिक डिप्लोमा एवं स्नातक पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएंगे।

​उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी महाविद्यालय को नैक द्वारा ‘ए प्लस’ श्रेणी, स्ट्राइड, परामर्श, सीपीई तथा स्टार डीबीटी जैसी योजनाएं गुणवत्ता के आधार पर प्राप्त हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय को विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट महाविद्यालय, उत्कृष्ट प्राचार्य, उत्कृष्ट प्रशासनिक अधिकारी, उत्कृष्ट शोधकर्ता, उत्कृष्ट प्राध्यापक, उत्कृष्ट एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी तथा उत्कृष्ट कर्मचारी पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।

​महाविद्यालय में उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं जैसे क्रीड़ा संकुल, छात्र एवं छात्रा छात्रावास, विशाल क्रीड़ांगन, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध ग्रंथालय, एनसीसी इकाई, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) तथा प्रशिक्षण एवं नियोजन प्रकोष्ठ (ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल) के सुदृढ़ प्रबंधन के आधार पर यूजीसी ने यह स्वायत्तता प्रदान की है। प्राचार्य डॉ. बालासाहेब जाधव ने विश्वास व्यक्त किया कि इस स्वायत्तता से जनपद के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा का सुअवसर प्राप्त होगा।

​महाविद्यालय को प्राप्त इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मराठवाड़ा शिक्षण प्रसारक मंडल के अध्यक्ष विधायक प्रकाशदादा सोळंके, महासचिव विधायक सतीशभाऊ चव्हाण, महाविद्यालय विकास समिति के प्रमुख हेमंतराव जामकर, प्राचार्य डॉ. बालासाहेब जाधव, उपप्राचार्य डॉ. श्रीनिवास केशट्टी, उपप्राचार्य डॉ. रोहिदास नितोंडे तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के समन्वयक डॉ. उत्कर्ष किट्टेकर ने सभी प्राध्यापकों, प्रशासनिक कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का अभिनंदन किया।

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