
परभणी:
स्थानीय शारदा महाविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. बबन पवार ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नितिन बावले उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक विभागाध्यक्ष डॉ. ज्ञानोबा मुंढे, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सचिन खड़के एवं गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. संतोष नाकाडे मंचासीन थे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. नितिन बावले ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक प्रखर राष्ट्रवादी थे। उन्होंने स्वतंत्रता की ज्योति को प्रज्वलित करते हुए भारत माता की स्वाधीनता के लिए स्वराज्य, स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा की चतुःसूत्री अवधारणा का अमूल्य योगदान दिया। अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. बबन पवार ने लोकमान्य तिलक के जीवन-वृत्त का विस्तृत परिचय दिया और कहा कि लोकमान्य के विचार कालातीत एवं सर्वकालिक हैं।
आयोजित कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन प्रो. डॉ. अविनाश पांचाल ने किया, जबकि सांस्कृतिक विभागाध्यक्ष डॉ. ज्ञानोबा मुंढे ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्राध्यापक वर्ग, प्रशासनिक कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय प्रमुख प्रकाश काले, विश्वनाथ खेडकर, तनुजा रासवे एवं राजाराम मूत्रटकर ने विशेष योगदान दिया।
