पूर्णा (संवाददाता):
नीट (NEET) परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने, आंदोलनकारी विद्यार्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जाँच करने तथा परीक्षार्थियों को न्याय दिलाने की माँगों को लेकर वंचित बहुजन आघाड़ी ने 23 जुलाई को ‘महाराष्ट्र बंद’ के अंतर्गत ‘पूर्णा बंद’ का आह्वान किया है। इस बंद को कांग्रेस पार्टी ने भी अपना पूर्ण समर्थन दिया है तथा इस संदर्भ में स्थानीय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया है।
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की घटना से देशभर के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर प्रश्नचिह्न उपस्थित हो गया है। इस प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जाँच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा हेतु केंद्र सरकार प्रभावी उपाययोजनाएँ करे एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक दायित्व स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से त्यागपत्र दें, यह माँग भी की गई है।
दिल्ली में आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर ज्ञापन के माध्यम से तीव्र रोष प्रकट किया गया है। इसमें विद्यार्थियों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं लोकतांत्रिक पद्धति से आंदोलन करने के अधिकार का सम्मान करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, बंद के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने की माँग की गई है।
इस अवसर पर युवा ज़िलाध्यक्ष तुषार गायकवाड़, कांग्रेस शहराध्यक्ष सरना बागवान, शेख अकरम, रवि वाघमारे, सुनील मगरे, श्यामसुंदर काले, अजय काले, तुषार भारती एवं राजू गायकवाड़ सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन प्रशासन को प्रस्तुत किया गया।
इस बीच, वंचित बहुजन आघाड़ी ने 23 जुलाई को पूर्णा शहर के समस्त व्यापारियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं नागरिकों से शांतिपूर्ण मार्ग से बंद का पालन कर विद्यार्थियों की न्यायसंगत माँगों का समर्थन करने की अपील की है। इस बंद अभियान को कांग्रेस ने भी अपना सक्रिय समर्थन घोषित किया है।

