नांदेड़:
दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ मंडल ने यात्री सुरक्षा, बाल संरक्षण तथा यात्रियों के कीमती सामान की सुरक्षित वापसी में सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की अनूठी मिसाल पेश की है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), चाइल्ड हेल्पलाइन एवं संबंधित विभागों के संयुक्त समन्वय से विभिन्न मामलों में नाबालिग बच्चों को सुरक्षित संरक्षण दिया गया, संदिग्ध चोरों को दबोचा गया और यात्रियों का छूटा हुआ सामान उन्हें लौटाया गया।
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’: 14 वर्षीय किशोरी को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया
दिनांक 03 सितंबर 2026 की शाम लगभग 19:30 बजे जालना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 02 पर गश्त के दौरान पुलिस उपनिरीक्षक परतूर एवं आरपीएफ कर्मियों को एक नाबालिग लड़की संदिग्ध अवस्था में मिली। पूछताछ में उसने अपनी उम्र 14 वर्ष तथा निवास स्थान हैदराबाद बताया। किशोरी अपनी मां के साथ सैलानी दरगाह चिखली, जिला बुलढाणा आई थी, जहां से पारिवारिक कारणों के चलते वह बिना बताए निकल गई थी। आरपीएफ कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसके पिता से संपर्क किया और अग्रिम कानुनी प्रक्रिया के तहत किशोरी को चाइल्ड हेल्पलाइन, जालना के प्रतिनिधियों को सुरक्षित सुपुर्द कर दिया।
मूक-बधिर बालक को बाल सुधार गृह में कराया गया दाखिल
03 सितंबर 2026 को ट्रेन संख्या 11001 (नंदीग्राम एक्सप्रेस) में रोटेगांव-लासूर के बीच टिकट जांच के दौरान मुख्य टिकट निरीक्षक मनमोहन हिमराज मीना को कोच संख्या S-3, बर्थ 16 पर एक मूक-बधिर लावारिस बालक मिला। बालक के बोल व सुन न पाने के कारण वह अपना नाम-पता बताने में असमर्थ था। उसे तत्काल आरपीएफ के संरक्षण में देकर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचित किया गया और मेडिकल जांच कराई गई।
बालक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसे छत्रपति संभाजीनगर स्थित ‘इंदिरा रेजिडेंशियल स्कूल फॉर मेंटली चैलेंज्ड चिल्ड्रन’ ले जाकर सांकेतिक भाषा के जरिए संपर्क साधने की कोशिश की गई, किंतु परिजनों का सुराग नहीं मिल सका। बालक की टी-शर्ट पर अंकित ‘बजाज फायनान्स (Bajaj Finserv) के लोगो के आधार पर संबंधित वेंडरों से संपर्क साधा गया तथा उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर सूचना देने की अपील की गई। तमाम प्रयासों के बाद भी पहचान न हो पाने पर अधिकारियों के निर्देशानुसार बालक को सुरक्षित देखरेख हेतु योगेश्वरी बाल सुधार गृह, छत्रपति संभाजीनगर में दाखिल कराया गया।
‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’: परभणी में दो संदिग्ध जेबकतरे व सामान चोर गिरफ्तार
नांदेड़ मंडल में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत आरपीएफ और जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग घटनाओं में संदिग्धों को दबोचा:
- पहली कार्रवाई (03.09.2026): वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एवं सहायक सुरक्षा आयुक्त के मार्गदर्शन में क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच (CIB) तथा विशेष CPDS टीम ने निगरानी के दौरान ट्रेन संख्या 17663 (नगरसूल-काचीगुड़ा) के समय प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर यात्रियों की जेब तराशने के संदेह में एक व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी को अग्रिम कार्रवाई के लिए जीआरपी परभणी को सौंपा गया, जहां उसके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 128 के तहत अपराध क्र. 46/2026 दर्ज किया गया।
- दूसरी कार्रवाई (06.09.2026): मध्यरात्रि लगभग 00:10 बजे ट्रेन संख्या 17205 (साईंनगर शिर्डी-काकीनाडा एक्सप्रेस) के परभणी स्टेशन आगमन पर प्लेटफॉर्म संख्या 02 पर संदिग्ध रूप से घूम रहे एक व्यक्ति को सीआईबी नांदेड़ और जीआरपी परभणी के संयुक्त दल ने हिरासत में लिया। संतोषजनक जवाब न दे पाने पर आरोपी के विरुद्ध महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 122(c) के तहत अपराध क्र. 89/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
‘ऑपरेशन अमानत’: यात्री का 10,000 रुपये का खोया बैग सकुशल लौटाया
03 सितंबर 2026 को ‘रेल मदद’ पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के अनुसार ट्रेन संख्या 17663 के कोच S-2, बर्थ 24 पर एक यात्री का ट्रॉली बैग छूटने की सूचना मिली। नांदेड़ आरपीएफ के हेड कांस्टेबल आर. डी. दबाडे ने तत्काल संबंधित डिब्बे में पहुंचकर बैग बरामद किया और उसे आरपीएफ पोस्ट पर सुरक्षित रखवाया। 05 सितंबर 2026 को यात्री के उपस्थित होने पर उचित सत्यापन एवं पावती प्रक्रिया पूरी कर लगभग 10,000 रुपये मूल्य के कपड़ों से भरा बैग उसे सकुशल सौंप दिया गया। यात्री ने रेल सुरक्षा बल की ईमानदारी और तत्परता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: रेल प्रशासन की अपील
नांदेड़ मंडल रेल सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा अपराध आसूचना शाखा के कर्मियों की यह संयुक्त सक्रियता यात्रियों की संरक्षा के प्रति उनकी कटिबद्धता को दर्शाती है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान सतर्क रहें और परिसर अथवा ट्रेनों में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु की जानकारी मिलने पर तुरंत रेल प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) या हेल्पलाइन नंबर 139 (रेल मदद) पर सूचित करें।

