
परभणी:
स्थानीय श्री शिवाजी महाविद्यालय एवं ज्ञानोपासक महाविद्यालय के भौतिकी विभाग के विद्यार्थियों ने वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय (वनामकृवि) स्थित कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ड्रोन संचालन का प्रत्यक्ष प्रायोगिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
शुक्रवार को आयोजित इस शैक्षणिक अध्ययन यात्रा में विद्यार्थियों ने ‘रिमोट पायलट ट्रेनिंग सेंटर’ (आरपीटीओ) तथा ‘ऊर्जा केंद्र’ का अवलोकन कर आधुनिक तकनीक एवं अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से संबंधित विस्तृत जानकारी अर्जित की। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता, कीटनाशक छिड़काव व फसल निगरानी जैसे कार्यों तथा ड्रोन चालन से जुड़े औपचारिक प्रशिक्षण के विषय में मार्गदर्शन प्रदान किया।
इसके उपरांत, ऊर्जा केंद्र में विद्यार्थियों ने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जैव गैस (बायोगैस), सौर ऊर्जा चालित जल पंप, विभिन्न प्रकार के सौर शुष्कक (सोलर ड्रायर), रूफटॉप सोलर एनर्जी हार्वेस्टिंग संयंत्र, पवन चक्की तथा सौर जल तापक (सोलर वॉटर हीटर) का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर उनकी कार्यप्रणाली समझी।
इस अवसर पर कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. रावसाहेब भाग्यवंत, डॉ. रवींद्र शिंदे, प्रा. विवेकानंद भोसले, प्रा. गजानन वसु, प्रा. विशाल इंगले, दहिफळे, आरपीटीओ के प्रशिक्षक प्रा. दयानंद टेकाळे तथा पूर्णिमा राठौड़ ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इस अध्ययन दल के साथ श्री शिवाजी महाविद्यालय के उप-प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास केशट्टी, डॉ. विजय कळमसे एवं ज्ञानोपासक महाविद्यालय के भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. पवन कच्छवे तथा डॉ. राऊत उपस्थित थे।
भौतिकी के सैद्धांतिक नियमों, आधुनिक कृषि तकनीक एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होने से विद्यार्थियों के ज्ञान-विस्तार में यह भ्रमण अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।
