पाथरी तहसील में अनिश्चित विद्युत कटौती के विरुद्ध जनाक्रोश: 1 अगस्त तक नियमित विद्युत आपूर्ति न होने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी — रवींद्र धर्मे
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष का उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम

परभणी:
पाथरी तहसील के 6 विद्युत उपकेंद्रों के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में विगत कई दिनों से जारी अनियमित एवं अकारण विद्युत कटौती के कारण कृषक, महिलाएँ, विद्यार्थी तथा आम जनमानस अत्यंत त्रस्त है। इस जनसमस्या के विरोध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष ने अत्यंत आक्रामक रुख अपनाया है।
शिवसेना परभणी जिलाध्यक्ष रवींद्र रामकिशन धर्मे ने 20 जुलाई को जिलाधिकारी एवं ‘महावितरण’ (महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी) के अधीक्षक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर अविलंब नियमित विद्युत आपूर्ति बहाल करने की पुरजोर माँग की है।
इस ज्ञापन में बाभलगाँव, वाघाला, विटा, रेणापुर, पाथरी एवं हादगाँव उपकेंद्रों के अंतर्गत लोणी, कान्सुर, तुरा, जैतापुरवाड़ी, चाटे पिंपळगाँव, सारोला, विटा, बाबुलतार, बांदरवाड़ा, खेडूला, वड़ी, निवळी, पाटोदा सहित अनेक ग्रामों में गहराते विद्युत संकट को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है।
नागरिकों की प्रमुख समस्याएँ
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- कृषि हेतु विद्युत का अभाव: रात्रि में तड़के 3 बजे ‘थ्री-फेज’ विद्युत आपूर्ति दी जाती है और प्रातः 11 बजे बंद कर दी जाती है। परिणामतः कृषक दिवस के समय अपने खेतों में कार्य करने से वंचित रह जाते हैं।
- घरेलू विद्युत भी अनिश्चित: प्रातः 5 बजे से सायं 7 बजे तक तथा रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक केवल ‘सिंगल-फेज’ विद्युत दी जाती है। सायं 7से रात्रि 10 बजे के बीच पूर्णतः अंधकार (विद्युत कटौती) रहता है।
- महिलाओं पर अत्याचार: दिनभर खेतों में कठोर परिश्रम करके लौटी महिलाओं को रात्रि के अंधकार में मिट्टी के तेल का दीपक जलाकर भोजन पकाना पड़ रहा है।
- विद्यार्थियों की शिक्षा बाधित: वर्षा ऋतु के इन दिनों में विद्युत अनुपलब्धता के कारण विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों का गंभीर शैक्षणिक नुकसान हो रहा है।
- प्राणघातक संकट: विद्युत आपूर्ति न होने के कारण घरों में विषैले सर्प एवं बिच्छू निकलने की घटनाएँ बढ़ गई हैं, जिससे जनजीवन संकट में है।
”ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी घर में इनवर्टर अथवा सौर ऊर्जा की व्यवस्था नहीं है। इसके उपरांत भी शासन ‘डिजिटल महाराष्ट्र’ एवं ‘किसान हित’ के बड़े-बड़े दावे करता है, जो कि अत्यंत खेदजनक एवं लज्जास्पद है।”
— ज्ञापन का अंश
शिवसेना की दो प्रमुख माँगे
१. कृषि कार्य हेतु प्रातः ६ बजे से सायं ६ बजे तक निरंतर ‘थ्री-फेज’ विद्युत आपूर्ति प्रदान की जाए।
२. सायं ७ बजे से रात्रि १० बजे तक घरेलू उपयोग हेतु नियमित ‘सिंगल-फेज’ विद्युत दी जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
रवींद्र धर्मे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि १ अगस्त से पूर्व उपरोक्त माँगों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नियमित विद्युत आपूर्ति प्रारंभ नहीं की गई, तो शिवसेना के तत्त्वावधान में पाथरी तहसील के समस्त प्रभावित ग्रामों के नागरिक, कृषक, महिलाएँ एवं विद्यार्थी सड़कों पर उतरकर तीव्र जन-आंदोलन करेंगे। इस हेतु उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति की संपूर्ण उत्तरदेहिता शासन एवं विद्युत प्रशासन (महावितरण) की होगी।
ज्ञापन सौंपते समय तहसील प्रमुख हरिभाऊ वालनकर एवं लोणी के उपसरपंच रमेश गवई की प्रमुख उपस्थिति रही।


