
परभणी (प्रतिनिधि):
परभणी जिले के 17 राजस्व मंडलों के फसल बीमा प्रकरण में बीमा कंपनी द्वारा दाखिल की गई आपत्तियों (विवादों) को विभागीय आयुक्त ने निरस्त कर दिया है तथा जिलाधिकारी, परभणी द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन (रिपोर्ट) को स्वीकृति प्रदान की है। इसके फलस्वरूप, लंबित 17 राजस्व मंडलों के कृषकों के लिए फसल बीमा राशि प्राप्त होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
उल्लेखनीय है कि बीमा कंपनी द्वारा फसल बीमा के संदर्भ में प्रतिवर्ष जानबूझकर विलंब किया जाता है। इस विषय को लेकर विधायक राजेश विटेकर, एकनाथराव साल्वे, विलासराव बाबर एवं रामभाऊ अरगड़े के प्रतिनिधिमंडल ने आज संभागीय आयुक्त (छत्रपति संभाजीनगर) श्री जी. श्रीकांत से भेंट की। इस वार्ता के दौरान संभागीय आयुक्त ने उक्त निर्णय की जानकारी दी।
परभणी जिले के फसल बीमा प्रकरण के संदर्भ में विधायक राजेश विटेकर के अनुरोध पर 13 मई को कृषि मंत्री दत्तामामा भरणे के कक्ष में एक बैठक आयोजित की गई थी। उस समय स्थानीय कृषि विभाग एवं जिलाधिकारी को कृषकों से प्राप्त नवीन शिकायतों की पुनः जाँच कर तदनुसार प्रतिवेदन प्रेषित करने का निर्देश दिया गया था।
तत्पश्चात जिलाधिकारी द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन के विरोध में फसल बीमा कंपनी ने 17 राजस्व मंडलों के संबंध में संभागीय आयुक्त के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उस दौरान कृषि मंत्री श्री भरणे ने संभागीय आयुक्त (छत्रपति संभाजीनगर) एवं जिलाधिकारी (परभणी) को दूरभाष पर निर्देश दिए थे कि जिलाधिकारी परभणी के प्रतिवेदन के अनुसार ही कृषकों को फसल बीमा का लाभ मिलना चाहिए। कंपनी द्वारा प्रस्तुत आपत्तियां असत्य धारणाओं पर आधारित थीं, अतः उन्हें निरस्त कर शेष 17 राजस्व मंडलों के कृषकों को न्याय प्रदान करने के निर्देश दिए गए थे।
तदनुसार, संभागीय आयुक्त के समक्ष जारी यह सुनवाई संपन्न हो गई है। संभागीय आयुक्त ने बीमा कंपनी की आपत्तियों को निरस्त करते हुए जिलाधिकारी परभणी के प्रतिवेदन को स्वीकार कर लिया है। संभागीय आयुक्त ने विधायक राजेश विटेकर एवं प्रतिनिधिमंडल को सूचित किया कि उक्त प्रतिवेदन आज ही कृषि मंत्री, कृषि आयुक्त एवं प्रधान सचिव (कृषि) को प्रेषित किया जा रहा है।
वर्ष 2024 के दौरान लंबित राजस्व मंडलों में से पाँच राजस्व मंडलों के लिए 37 करोड़ रुपये का लंबित फसल बीमा स्वीकृत किया गया था, किंतु दैठणा, टाकली कुंभकर्ण एवं रावराजूर राजस्व मंडलों के विषय में कोई निर्णय नहीं हो सका था। इसके कारण इन राजस्व मंडलों के कृषक सहायता से वंचित रह गए हैं। विधायक राजेश विटेकर ने हमारे प्रतिनिधि से वार्ता करते हुए बताया कि इन मंडलों हेतु भी शीघ्र ही आगामी प्रक्रिया प्रारंभ करने के संबंध में प्रधान सचिव (कृषि) से भेंट की जाएगी।
