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जिंतूर में नशामुक्ति अभियान: ‘मन की शक्ति बढ़ाने के लिए राजयोग साधना आवश्यक’-

बी के विकास भाई

जिंतूर, २७ जून (विशेष संवाददाता): स्थानीय ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र द्वारा नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत “मन की शक्ति बढ़ाने के लिए राजयोग साधना आवश्यक” विषय पर एक प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग ३५ से ४० प्रबुद्ध नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नाशिक नोडल ब्रह्माकुमारीज़ सेंटर के विख्यात राजयोगी बी.के. विकास साळुंखे ने अपने प्रबोधन में व्यसनमुक्ति के सूक्ष्म पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशे की लत अचानक नहीं लगती, बल्कि नकारात्मक विचारों, मानसिक तनाव, कुसंगति तथा आत्मबल की कमी के कारण धीरे-धीरे व्यक्ति को अपनी चपेट में लेती है। यदि राजयोग के माध्यम से आंतरिक मन को सशक्त और संकल्पवान बनाया जाए, तो व्यक्ति किसी भी प्रकार की नशे की प्रवृत्ति पर सहज ही विजय प्राप्त कर सकता है। राजयोग मेडिटेशन इसके लिए एक अत्यंत प्रभावी आध्यात्मिक औषधि है।

गीता के श्लोक से समझाया शांत मन का महत्व

बी.के. विकास भाई ने श्रीमद्भगवद्गीता के प्रसिद्ध श्लोक “नास्ति बुद्धिरयुक्तस्य न चायुक्तस्य भावना…” का सरल भावार्थ समझाते हुए कहा कि अस्थिर और अशांत मन कभी भी सही निर्णय नहीं ले सकता। सच्चा सुख स्वयं के लिए जीने में नहीं, बल्कि दूसरों को सुख देने में समाहित है। राजयोग साधना मन को स्थिर, सकारात्मक और शक्तिशाली बनाकर जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। व्याख्यान के पश्चात उन्होंने उपस्थित सभी भाई-बहनों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराकर गहन शांति की अनुभूति कराई।

 

​इस अवसर पर पी.वी.जी. इंजीनियरिंग कॉलेज (नाशिक) के प्रो. सतीश भदाणे, बी.के. तांदळे भाई, राजयोगिनी बी.के. सुमन दीदी तथा बाबूराव दामोदर कोकडवार मॉल के प्रबंधक मंदार सर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का कुशल संचालन बी.के. कल्पना दीदी ने किया। इस उपक्रम के माध्यम से समाज को नशामुक्त, तनावमुक्त एवं आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने का सशक्त संदेश दिया गया।

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