पूर्णा में निजी साहूकार की निर्मम हत्या-
शहर दहला
मॉर्निंग वॉक पर गए साहूकार पर बीच सड़क चाकू से ताबड़तोड़ वार; दो हमलावर फरार
सुशील दलवी पूर्णा
पूर्णा शहर आज 22 मईशुक्रवार तड़के एक रक्तरंजित वारदात से दहल उठा। सुबह की सैर के लिए निकले एक निजी साहूकार की दो अज्ञात हमलावरों ने बीच सड़क पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर निर्मम हत्या कर दी। यह सनसनीखेज घटना शहर के ‘गुड मॉर्निंग रोड’ पर स्थित हीरो शोरूम से राजमुद्रा चौक के बीच सुबह साढ़े छह से सात बजे के आसपास घटित हुई। दिन की शुरुआत में ही हुई इस हत्या से पूरे शहर में भय और तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है।
मृतक की पहचान देवराव बेंजाजी सावरे आयु ४८ वर्ष, निवासी: धनगर गली, पूर्णा के रूप में हुई है, जो शहर में एक निजी साहूकार के रूप में जाने जाते थे। हमेशा की तरह वे सुबह टहलने के लिए घर से बाहर निकले थे। उसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बिना किसी विवाद या बहस के सीधे धारदार हथियार से उनके गले और पेट पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। यह पूरा हमला कुछ ही क्षणों में हुआ और आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए।
हमले के बाद देवराव सावरे खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े। आस-पास के नागरिकों ने शोर मचाते हुए तत्काल पुलिस को सूचित किया। घटना की सूचना मिलते ही उपविभागीय पुलिस अधिकारी डॉ. समाधान पवार, उपनिरीक्षक (फौजदार) प्रकाश इंगोले, पुलिस कर्मी श्रीश टाकस और बालाजी शेवाले ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर पंचनामा तैयार किया।
गंभीर रूप से घायल सावरे को उपचार के लिए ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया; परंतु चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने जांच की गति तेज कर दी है।
हत्या के पीछे वित्तीय लेनदेन का विवाद?
यद्यपि इस हत्याकांड के सटीक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार प्राथमिक जांच में पुलिस वित्तीय लेनदेन, साहूकार से जुड़े विवाद, पैसों की हेराफेरी या पुरानी रंजिश के दृष्टिकोण से जांच कर रही है। पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
शहर में दहशत का माहौल
बीच सड़क और सुबह के समय हुए इस क्रूर हमले के कारण पूर्णा शहर के नागरिकों में घोर दहशत का माहौल है। नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि “क्या अब सुबह टहलना भी सुरक्षित नहीं रह गया है?” पिछले कुछ दिनों से शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के कारण कानून-व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं।
नए पुलिस निरीक्षक के समक्ष बड़ी चुनौती
पूर्णा पुलिस थाने में हाल ही में पदभार संभालने वाले पुलिस निरीक्षक सचिन बेंद्रे के सामने यह घटना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। शहर में बढ़ती अपराध दर, अवैध धंधों और धारदार हथियारों के बढ़ते उपयोग पर अंकुश लगाने के संबंध में अब पुलिस प्रशासन की साख दांव पर लगी है।
आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें रवाना
इस मामले में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है और आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने विशेष टीमों को रवाना किया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संदिग्धों की गतिविधियों, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की है।


