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​अल्पवयस्क पीड़िता का पीछा करने के मामले में सोनूसिंग को १ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा

परभणी अदालत का फैसला



परभणी । प्रतिनिधि

​ परभणी स्थित कोतवाली पुलिस थाने की सीमा में एक अल्पवयस्क (नाबालिग) पीड़िता का पीछा कर उसे प्रताड़ित करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एन.पी. त्रिभुवन ने आरोपी सोनूसिंग पुनमसिंग टाक (आयु २८ वर्ष) को एक वर्ष का सश्रम कारावास, दो हजार रुपये का अर्थदंड और दंड न भरने पर दो महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।

​एक अल्पवयस्क बालिका ने कोतवाली पुलिस थाने में ६ सितंबर २०१९ को एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अनुसार, सोनूसिंग पुनमसिंग टाक (आयु २८ वर्ष, निवासी: जिला परिषद के सामने, परभणी) मोटरसाइकिल पर उसका शांतिनिकेतन कॉलोनी स्थित माउली चौक, गुरुकृपा चौक और पेडगांव रोड से कोलेवाड की ट्यूशन क्लास तक पीछा करता था। वह उससे बात करने का प्रयास करता था और “तुम मुझे बहुत पसंद हो” कहकर उसे प्रताड़ित (छेड़छाड़) करता था, ऐसा शिकायत में उल्लेख किया गया था। इस शिकायत के आधार पर ‘दामिनी पथक’ (विशेष महिला पुलिस दस्ता) ने संबंधित आरोपी को हिरासत में लिया। उसके विरुद्ध अपराध संख्या २६०/२१९ के अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धारा ३५४ (डी), ५०९ तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा १२ के तहत मामला दर्ज किया गया।

​सहायक पुलिस निरीक्षक गुलाब बाचेवाड ने इस संदर्भ में जांच कर न्यायालय में दोषारोपण पत्र (चार्जशीट) प्रस्तुत किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्रिभुवन के समक्ष इस मामले में अभियोजन पक्ष (सरकार) की ओर से सहायक सरकारी अधिवक्ता एडवोकेट श्रीमती अभिलाषा पाचपोर ने पक्ष रखा। इसमें अभियोजन पक्ष द्वारा कुल छह गवाहों का परीक्षण किया गया। आरोपी के विरुद्ध संदेह से परे अपराध सिद्ध होने पर न्यायालय ने संबंधित आरोपी को उपर्युक्त सजा सुनाई।

​मुख्य सरकारी अधिवक्ता एडवोकेट ज्ञानोबा दराडे के मार्गदर्शन में एडवोकेट पाचपोर ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। जिला पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत के मार्गदर्शन में कोर्ट पैरवी अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक सुरेश चव्हाण पुलिस हेड कांस्टेबल भागोजी कुंडगिर, तथा विशेष पॉक्सो ट्रायल मॉनिटरिंग सेल की वंदना आडोदे एवं धबडगे ने इस मामले में कार्य देखा।

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