छत्रपति संभाजीनगर:
लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या 53 पर ड्यूटी पर तैनात गेटकीपर पर हुए कायरतापूर्ण हमले की रेलवे प्रशासन ने कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे ऑन-ड्यूटी रेलकर्मियों का सम्मान करें, उनके कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न डालें, उन्हें न धमकाएं और न ही उन पर हमला करें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 09 और 10 सितंबर 2026 की दरमियानी रात ट्रैक मेंटेनर श्री ओमप्रकाश गिरी लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या 53 पर रात्रि 23:00 बजे से सुबह 07:00 बजे तक ड्यूटी पर तैनात थे। रात करीब 02:35 बजे, जब ट्रेन संख्या 17611 राज्यरानी एक्सप्रेस गुजर रही थी, तभी 6-7 अज्ञात असामाजिक तत्वों ने बंद गेट के बूम (फाटक) को जबरन खोलने का प्रयास किया।
ड्यूटी पर तैनात गेटकीपर ने जब सुरक्षा नियमों का हवाला देकर उन्हें रोका, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों और रेलवे ट्रैक के पत्थरों से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में गेटकीपर के सिर पर गंभीर चोट आई और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस निरीक्षक (छत्रपति संभाजीनगर) पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। घायल गेटकीपर को तुरंत चिकित्सकीय परीक्षण और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) स्थानीय पुलिस के समन्वय से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही है।
इसके साथ ही, रेलवे प्रशासन ने रेलवे परिसर में होने वाली अनधिकृत घुसपैठ (Trespassing), पटरियों के आसपास असुरक्षित तरीके से रील बनाने (Reel-making), स्टंट करने और अन्य खतरनाक गतिविधियों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की लापरवाही न केवल आम नागरिकों की जान जोखिम में डालती है, बल्कि ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन में भी भारी व्यवधान पैदा करती है।
रेलवे प्रशासन की आम जनता से अपील:
- ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का सम्मान करें: रेलवे कर्मचारियों के काम में बाधा न डालें, हस्तक्षेप न करें और न ही किसी तरह का दुर्व्यवहार या हमला करें।
- नियमों का पालन: रेलवे के सुरक्षा नियमों और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
- अनधिकृत प्रवेश वर्जित: रेलवे ट्रैक, यार्ड, पुल या अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रवेश न करें।
- बंद फाटक पार न करें: ट्रेन आते समय बंद रेलवे फाटक को खोलने या उसे पार करने का जोखिम न उठाएं।
- रील और स्टंट से बचें: रेलवे ट्रैक या परिसर में रील बनाने, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी या स्टंट जैसी गैर-कानूनी गतिविधियां पूरी तरह बंद करें।
हो सकती है कार्यवाही
रेलवे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन और ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों पर हमला रेल अधिनियम, 1989 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत गैर-जमानती व दंडनीय अपराध है। किसी भी ऑन-ड्यूटी रेलकर्मी को उसके काम से रोकना या ट्रैक पर अनाधिकृत प्रवेश करने पर भारी जुर्माने के साथ कारावास की सजा हो सकती है।
यदि किसी को भी रेलवे परिसर में कोई असुरक्षित, संदिग्ध या असामाजिक गतिविधि दिखे, तो वे तुरंत रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें या नजदीकी आरपीएफ (RPF)/रेलवे कर्मियों को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
“रेलकर्मियों का सम्मान करें। रेल नियमों का पालन करें। सुरक्षित रहें और असुरक्षित गतिविधियों की सूचना दें।”
रेलवे प्रशासन ने दोहराया है कि यात्रियों और कर्मचारियों की संरक्षा सुनिश्चित करने और रेल नेटवर्क के निर्बाध संचालन के लिए नागरिकों का सहयोग अनिवार्य है।
