राज्यशिक्षा

मराठवाड़ा की उच्च शिक्षा में समय के अनुरूप बदलाव जरूरी: उप-प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास केशेट्टी

मराठवाड़ा में उच्च शिक्षा: वास्तविकता और दिशा' विषय पर शारदा कॉलेज में जिला स्तरीय व्याख्यान आयोजित ​मुक्ति संग्राम और विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के अवसर पर शिक्षाविदों ने किया मंथन

परभणी:

बदलते दौर के साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान, तकनीक का उपयोग, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम, नवाचार और उद्यमिता को प्राथमिकता देना समय की मांग है। यह विचार श्री शिवाजी कॉलेज, परभणी के भौतिकी विभागाध्यक्ष व उप-प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास केशेट्टी ने व्यक्त किए। वह स्थानीय शारदा कॉलेज में आयोजित जिला स्तरीय व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे।

​स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, नांदेड़ और शारदा कॉलेज, परभणी के संयुक्त तत्वावधान में मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस व विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ‘मराठवाड़ा में उच्च शिक्षा: वास्तविकता और दिशा’ विषय पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बबन पवार ने की। मंच पर उप-प्राचार्य डॉ. श्यामसुंदर वाघमारे, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के समन्वयक डॉ. संतोष नाकाडे और कार्यक्रम संयोजक प्रा. डॉ. ज्ञानोबा मुंढे उपस्थित रहे।

ऐतिहासिक संदर्भ से वर्तमान चुनौतियों तक का विश्लेषण

डॉ. केशेट्टी ने अपने व्याख्यान में सातवाहन काल से लेकर निजाम शासन, मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम और स्वतंत्रता के बाद के सामाजिक व शैक्षणिक विकास का विस्तृत ऐतिहासिक खाका पेश किया। इस पृष्ठभूमि के आधार पर उन्होंने क्षेत्र में उच्च शिक्षा की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर गहन मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा के विद्यार्थियों में अपार क्षमता है; यदि उन्हें सही अवसर और उचित मार्गदर्शन मिले, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से जुड़ें छात्र: डॉ. बबन पवार

अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. बबन पवार ने उच्च शिक्षा के माध्यम से छात्रों के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक ज्ञान, विज्ञान और तकनीक को अपनाकर समाज के उत्थान में रचनात्मक योगदान देने का आह्वान किया।

​कार्यक्रम का संचालन प्रा. डॉ. नितिन बावले ने किया। प्रास्ताविक उद्बोधन प्रा. डॉ. ज्ञानोबा मुंढे ने दिया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रा. डॉ. सुनील बल्लाळ ने किया। मुख्य अतिथि का परिचय प्रा. डॉ. सचिन खड़के ने कराया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और प्रशासनिक कर्मचारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button