सिंचाई अधिनियम 1976 के तहत पंचनामा कर मुआवजा दे सरकार, वरना होगा उग्र आंदोलन: महाराष्ट्र राज्य किसान सभा की चेतावनी
प्रतिनिधि
पाथरी: जायकवाड़ी परियोजना की बाईं मुख्य नहर से परभणी जिले के किसानों को उनके हिस्से का पानी न मिलने के कारण हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। महाराष्ट्र राज्य किसान सभा (AIKS), परभणी जिला परिषद ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधीक्षण अभियंता सह प्रशासक (लाभक्षेत्र विकास प्राधिकरण) को तुरंत निलंबित करने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
इस मामले को लेकर किसान सभा ने 9 जनवरी 2026 को राज्य के मुख्यमंत्री, जल संसाधन मंत्री (गोदावरी मराठवाड़ा एवं कृष्णा घाटी विकास निगम) तथा कार्यकारी निदेशक (गोदावरी मराठवाड़ा सिंचाई विकास निगम, छत्रपति संभाजीनगर) को औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि परभणी प्रभाग में सर्वाधिक 97,400 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र होने के बावजूद नियमों के अनुरूप ‘टेल टू हेड’ (अंतिम छोर से शुरुआत तक) पानी वितरित नहीं किया जा रहा है। किसानों को जानबूझकर कम पानी देकर उनके साथ अन्याय किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर सिंचाई अधिनियम 1976 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है।
किसान सभा की प्रमुख मांगें:
- पानी वितरण में लापरवाही और मनमानी करने वाले अधीक्षण अभियंता सह प्रशासक को तत्काल निलंबित किया जाए।
- बाईं नहर से पानी न मिलने के कारण नष्ट हुई फसलों का तत्काल पंचनामा कर प्रभावित किसानों को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
- परभणी प्रभाग के 97,400 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए नियमानुसार ‘टेल टू हेड’ जल वितरण सुनिश्चित किया जाए।
- जायकवाड़ी कमान क्षेत्र (Command Area) की अधिसूचना अविलंब जारी की जाए।
- वर्ष 2026-27 के गंभीर सूखे को देखते हुए जिन किसानों को पानी नहीं मिला है, उनसे जल कर (पानी पट्टी) की वसूली पूरी तरह माफ की जाए।
किसान सभा ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों को तुरंत पूरा नहीं किया गया, तो किसानों को लामबंद कर व्यापक जनांदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस ज्ञापन पर किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड राजन क्षीरसागर, प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड हीरालाल परदेशी, जिलाध्यक्ष कॉमरेड शिवाजी केंद्रे, जिला सचिव कॉमरेड ओंकार पवार, कॉमरेड श्रीनिवास वाकणकर और उमेश डी. मिरखिलकर के हस्ताक्षर हैं। संगठन ने क्षेत्र के किसानों से इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है।