
परभणी:
स्थानीय बाल विद्यामंदिर हाईस्कूल में विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इको-फ्रेंडली गणेशोत्सव मनाने का संदेश देने के उद्देश्य से ‘पर्यावरण-अनुकूल गणेश मूर्ति निर्माण कार्यशाला’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में कक्षा 5वीं से 10वीं तक के कुल 1,470 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
संस्था के सचिव डॉ. विवेक नावंदर ने कार्यशाला के लिए विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यशाला के दौरान कला शिक्षक केशव लगड ने छात्रों को पर्यावरण-अनुकूल सामग्री शाडू मिट्टी आदि का उपयोग करके गणेश जी की मूर्तियां बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। विद्यार्थियों ने अपने हाथों से आकर्षक मूर्तियां बनाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही वायू शुद्धि के लिए विशेष रूप से, छात्रों ने मूर्तियों के भीतर इमली, आम, जामुन और अन्य छायादार वृक्षों के बीज रोपे, जिससे विसर्जन के बाद वे पौधे बन सकें। इस अभिनव पहल के जरिए बच्चों ने ‘वृक्ष लगाओ, वृक्ष बचाओ‘ का सशक्त संदेश दिया। वास्तविकता मे श्री गणेश जी सकल कार्य के आरंभ मे पुजनीय है। इसी कारण गणेश मुर्ती बनाते समय मुर्ती बीज डालने की सलाह शिक्षको ने छात्रों की थी।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालय के प्राचार्य श्री अरुण बोराडे ने विद्यार्थियों को पर्यावरण-अनुकूल त्योहारों का महत्व समझाया और उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उप-प्राचार्य रामदास तुम्मेवार, पर्यवेक्षक बलीराम कोपरटकर, पर्यवेक्षिका श्रीमती सीमा बोके सहित समस्त शिक्षक वृंद उपस्थित रहे।
उपस्थित अतिथियों ने छात्रों की कला, रचनात्मकता और इस हरित पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में कला शिक्षक केशव लगड ने सभी का आभार व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।



