राज्यशिक्षा

उत्थान गुरुकुलम् के 5 विद्यार्थियों का ‘केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय’ में चयन; सर्वत्र प्रशंसा

परभणी:

उत्थान गुरुकुलम फाउंडेशन (सरस्वती नगर, परभणी) के पाँच मेधावी विद्यार्थियों का चयन ‘सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी’ (केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय), नासिक में ‘शास्त्र’ एवं ‘पीसीएम’ (भौतिकी, रसायन, गणित) पाठ्यक्रम के अंतर्गत संस्कृत अध्ययन हेतु हुआ है। बाल्यकाल से ही उत्थान गुरुकुलम फाउंडेशन में नियमित शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ-साथ संस्कृत का गहन अध्ययन करने वाले इन विद्यार्थियों की इस उल्लेखनीय सफलता पर संपूर्ण क्षेत्र में हर्ष एवं प्रशंसा व्यक्त की जा रही है।

​चयनित विद्यार्थी:

1. आर्या उमेश विश्रृप (११वीं)

2. भार्गव दुर्गादास सदावर्ते (११वीं)

3. मयुरी बाबू गावंडे (कला प्रथम वर्ष)

4. सुशिल संजीवन जोशी (कला प्रथम वर्ष)

5. अनिकेत आगलावे (नांदखेड़ा)

संस्थापकों व पदाधिकारियों द्वारा अभिनंदन–

विद्यार्थियों की इस स्वर्णिम उपलब्धि पर उत्थान गुरुकुलम फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक आचार्य अविनाश गोहाड, निदेशक डॉ. दिवाकरराव मांडखळीकर, सौ. वीणाताई मांडखळीकर, प्रशासनिक अधिकारी श्री निखिल देविदासराव वझे एवं संस्था के संयोजक सीए प्रवीण शेषराव गव्हाणे (पुणे) ने सभी विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

​39 वर्षों की निस्वार्थ साधना का प्रतिफल

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी गुरुकुल के पूर्व छात्र सुदीप संजय जोशी ने संस्कृत विश्वविद्यालयों से बी.ए. (मुंबई), बी.एड. (तिरुपति) एवं एम.ए. (वाराणसी) की उपाधि प्रथम श्रेणी में प्राप्त कर संस्था को गौरवान्वित किया है। वर्तमान में उन्हें तीन प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों द्वारा सेवा/अध्यापन हेतु आमंत्रित किया गया है। यह सफलता गुरुकुल द्वारा विगत ३९ वर्षों से प्रदान की जा रही गुणवत्तापूर्ण संस्कृत शिक्षा का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

​’संस्कृत भारती’ से संबद्ध उत्थान गुरुकुलम फाउंडेशन, सरस्वती नगर (परभणी) अत्यंत निस्वार्थ भाव एवं निष्ठा से संस्कृत भाषा के संवर्धन हेतु कार्यरत है। संस्था के इसी समर्पित कार्य-संस्कृति के कारण अभिभावकों का रुझान गुरुकुलम् की ओर निरंतर बढ़ रहा है।

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