मुं
बई:
वसंतराव नाइक मराठवाडा कृषि विश्वविद्यालय के छत्रपति संभाजीनगर स्थित राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परियोजना (NARP) में ‘अंतर्राष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केंद्र’ (CIMMYT) के सहयोग से “मक्का उत्कृष्टता केंद्र” (Centre of Excellence for Maize) की स्थापना के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार, 3 अगस्त 2026 को ‘विलेज एंड सोशल ट्रांसफॉर्मेशन फाउंडेशन’ (VSTF) के मुंबई स्थित कार्यालय में संपन्न हुई।
इस बैठक का आयोजन ‘विलेज एंड सोशल ट्रांसफॉर्मेशन फाउंडेशन’ (VSTF) तथा ‘इंडो-मक्का एवं मोटा अनाज विकास संगठन’ (IMMDA) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केंद्र (CIMMYT) का मुख्यालय मैक्सिको में स्थित है तथा यह संस्था ‘CGIAR’ नामक वैश्विक कृषि अनुसंधान समूह का एक प्रमुख घटक है। विश्वभर में मक्का एवं गेहूं की फसलों के अनुसंधान, उन्नत किस्मों के विकास तथा सतत कृषि प्रौद्योगिकी के प्रसार में इस संस्था का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
बैठक में वसंतराव नाइक मराठवाडा कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. डॉ. इंद्र मणि वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए। अपने संबोधन में उन्होंने मक्का अनुसंधान को सुदृढ़ करने हेतु आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग, सतत उत्पादन वृद्धि, जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि पद्धतियों तथा कृषक-केंद्रित अनुसंधान को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि कृषि विश्वविद्यालयों, अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों, शासकीय निकायों एवं अन्य हितधारकों के प्रभावी समन्वय से मक्का की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने हेतु अनुसंधान एवं नवीन प्रौद्योगिकी के प्रसार में तेजी लाना अनिवार्य है।
कुलपति ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित ‘मक्का उत्कृष्टता केंद्र’ के माध्यम से मराठवाड़ा सहित संपूर्ण राज्य के मक्का उत्पादक किसानों को उच्च उपज देने वाली उन्नत किस्मों, अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं, नवीन कृषि तकनीकों, कौशल विकास प्रशिक्षण और तकनीकी समाधानों का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा, जिससे मक्का उत्पादन अधिक सशक्त एवं प्रतिस्पर्धी बनेगा।
इस अवसर पर विलेज एंड सोशल ट्रांसफॉर्मेशन फाउंडेशन (VSTF) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री उमाकांत दांगट, नोडल अधिकारी श्री चंद्रकांत माली, समन्वयक श्री सुशांत पवार, वसंतराव नाइक मराठवाडा कृषि विश्वविद्यालय के सह-अनुसंधान निदेशक डॉ. सूर्यकांत पवार, CIMMYT के भारत प्रतिनिधि एवं प्रमुख डॉ. महेश गथाला, CIMMYT के मुख्य वैज्ञानिक एवं दक्षिण एशिया समन्वयक डॉ. परवेज जैदी, इंडो-मक्का एवं मोटा अनाज विकास संगठन के अध्यक्ष एड. सूर्यकांत पाटिल तथा ‘ग्रैंट थोर्नटन’ की तकनीकी सेवा प्रदाता श्रीमती शुभ्रा देशपांडे सहित विभिन्न राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।