राज्य

समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर ‘102’ एम्बुलेंस चालकों की सामूहिक जलसमाधि की चेतावनी, 30 जुलाई को प्रदर्शन

विशेष प्रतिनिधि

पाथरी (परभणी): वर्ष 2006 से अत्यंत अल्प मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे तथा पिछले 5 महीनों से वेतन से वंचित परभणी जिले के ‘102’ एम्बुलेंस चालकों ने प्रशासन के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया है। समान कार्य के लिए समान वेतन तथा बकाया मानदेय का भुगतान न होने के विरोध में चालकों ने 30 जुलाई को पाथरी तहसील स्थित ढालेगांव बांध पर सामूहिक जलसमाधि आंदोलन करने की घोषणा की है।

क्या है पूरा मामला?

​जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में चालकों ने उल्लेख किया है कि जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत ‘102’ एम्बुलेंस चालकों को मात्र 5,000 से 6,000 रुपये का तुच्छ मानदेय दिया जा रहा है। इसके विपरीत, इसी जिले के अन्य 31 एम्बुलेंस चालकों को 18,600 रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जा रहा है।

​”एक समान कार्य करने के उपरांत भी हमारे साथ किया जा रहा यह वेतन भेदभाव अत्यंत गंभीर विषय है। यह ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ के मूलभूत सिद्धांत का प्रत्यक्ष उल्लंघन है।”

चालक प्रतिनिधियों का वक्तव्य

 

विगत 5 माह से मानदेय ठप

​चालकों का आरोप है कि उन्हें पिछले 5 महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसके कारण उनके परिवारों के समक्ष आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में संबंधित विभाग को कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

प्रशासन के समक्ष रखी गईं 3 प्रमुख मांगें

​आंदोलन से पूर्व चालकों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगों को तत्काल पूर्ण करने का आग्रह किया है:

  • बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान: विगत 5 महीनों का लंबित मानदेय तत्काल जारी किया जाए।
  • समान मानदेय की स्वीकृति: सभी ‘102’ एम्बुलेंस चालकों को अन्य चालकों के समान 18,600 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
  • सकारात्मक निर्णय: मांगों पर शीघ्र एवं न्यायसंगत निर्णय लिया जाए।

​चालकों ने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें स्वीकार नहीं की गईं, तो आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था अथवा अप्रिय स्थिति की समस्त जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।

अनेक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रतिनिधि शामिल

​इस ज्ञापन पर पाथरगव्हाण, वाघाला, हादगांव, आसेगांव, देउलगांव घाट, कंठेश्वर, धानोरा काले, धारसूर, रामपुरी एवं रावराजूर स्थित 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चालक प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। इनमें टी.एस. चांडगे, पी.ए. काकडे, डी.एम. ढोले, वी.डी. साखरे, डी.एस. कदम, आर.एन. देशमुख, जी.ए. ढवले, एम.के. जाधव, पी.आर. यादव तथा बी.एस. मुंडे प्रमुख रूप से शामिल हैं।

​इस ज्ञापन की प्रतियां जिलाधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला पुलिस अधीक्षक को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई हैं।

​वर्ष 2006 से निरंतर सेवारत इन कर्मचारियों की समस्या पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है, इस पर पूरे जिले की दृष्टि टिकी हुई है। 30 जुलाई की तिथि समीप आने के कारण जिला प्रशासन के समक्ष इस विषय का शीघ्र समाधान निकालने की बड़ी चुनौती प्रस्तुत हो गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button