
परभणी (प्रतिनिधि):
वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय में चल रही भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत एक ही विस्थापित अर्थात प्रकल्पग्रस्त/ परियोजना ग्रस्त परिवार के दो सदस्यों को नौकरी में समायोजित करने हेतु राज्य सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। चालू माह में आयोजित हो रही भर्ती प्रक्रिया में इस आदेश का लाभ पात्र अभ्यर्थियों को मिलेगा। यह जानकारी विधायक राजेश विटेकर ने दी।
विस्थापितों की समस्या सुलझाने में विधायक विटेकर की मुख्य भूमिका
भर्ती प्रक्रिया में उत्पन्न तकनीकी बाधाओं को दूर करने हेतु विधायक राजेश विटेकर की पहल पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, कृषि मंत्री दत्तात्रय (दत्ता मामा) भरणे एवं मदद व पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटील की गरिमामयी उपस्थिति में सोमवार, 22 अगस्त को मंत्रालय (मुंबई) में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में विस्थापितों की समस्याओं पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शासन द्वारा आदेश निर्गत किए गए हैं।
समिति की सिफारिशें एवं विस्थापितों का पक्ष
विस्थापितों की मांगों पर विधायक विटेकर द्वारा किए गए अनुरोध के आलोक में 3 सितंबर 2025 को कृषि मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार, संभागीय आयुक्त (छत्रपति संभाजीनगर) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। समिति ने शासन को सौंपी अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि:
“वर्ष 1984 से 2002 की अवधि में विभिन्न आदेशों के तहत विश्वविद्यालय सेवा में विस्थापित के रूप में समूह-घ (गट-ड) संवर्ग में ‘मजदूर’ पद पर नियुक्तियां दी गई थीं। इस अवधि के दौरान नियुक्त कर्मचारियों के परिवारों के एक अन्य सदस्य को विशेष मामले के रूप में नौकरी का अवसर प्रदान किया जाए।”
यद्यपि पुनर्वास अधिनियम 1999 एवं पूर्व शासन निर्णयों के तकनीकी प्रावधानों के कारण प्रति परिवार केवल एक ही सदस्य को नौकरी देने की स्थिति बन रही थी, जो कि विस्थापितों के साथ अन्यायपूर्ण था। परंतु विधायक राजेश विटेकर एवं किसान संगठन के नेता किशोर ढगे ने शासन के समक्ष तथ्य प्रस्तुत किया कि संबंधित भूमि अधिग्रहण वर्ष 1976 (अधिनियम लागू होने से पूर्व) का है, अतः उस पर तत्कालीन नियमावली प्रभावी होगी जिसके अंतर्गत परिवार के दो सदस्यों को नौकरी में समायोजित करने का प्रावधान था।
मंत्रियों का त्वरित सकारात्मक निर्णय
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले तथा मदद व पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटील ने जनहित में त्वरित एवं सकारात्मक रुख अपनाते हुए विस्थापित परिवारों के द्वितीय सदस्य को अविलंब ‘विस्थापित प्रमाणपत्र’ (Project Affected Person Certificate) जारी करने तथा उन्हें अगस्त माह की भर्ती प्रक्रिया हेतु पात्र घोषित करने के निर्देश दिए।
विधायक राजेन विटेकर ने परियोजनाग्रस्तो से कहा कि,
शासन द्वारा आदेश निर्गत होने के उपरांत विधायक राजेश विटेकर ने संबंधित विस्थापित परिवारों से अपील की है कि वे शीघ्रता से अपना विस्थापित प्रमाणपत्र बनवाकर आगामी भर्ती प्रक्रिया में अपनी पात्रता सुनिश्चित करें।
