नांदेड-हडपसर रेलगाड़ी के विस्तार के लिए प्रयास करेंगे: सांसद अशोक चव्हाण

परभणी, ५ जुलाई २०२६: मराठवाड़ा से होकर पुणे जाने वाली रेलगाड़ी को (पुणे के बजाय) हडपसर तक सीमित कर दिए जाने के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस रेलगाड़ी का विस्तार मिरज तक कराने के लिए आगामी दक्षिण मध्य रेलवे (दमरे) की बैठक में विशेष रूप से प्रयास किए जाएंगे। यह जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री तथा सांसद अशोक चव्हाण ने मराठवाड़ा रेलवे यात्री महासंघ के पदाधिकारियों को दी है।
नांदेड में कल ६ जुलाई २०२६ को मराठवाड़ा के नांदेड मंडल के अंतर्गत दक्षिण मध्य रेलवे के सांसदों की एक बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक की पूर्व संध्या पर मराठवाड़ा रेलवे यात्री महासंघ के अरुण मेघराज, प्राचार्य सुरेश नायकवाड़े, दयानंद दीक्षित और कादिर लाला हाशमी के एक शिष्टमंडल ने सांसद अशोक चव्हाण से उनके नांदेड स्थित निवास स्थान ‘आनंद निलयम’ पर भेंट की।
इस भेंट के दौरान शिष्टमंडल ने मराठवाड़ा की विभिन्न रेल संबंधी समस्याओं को कल की बैठक में उठाने के लिए विस्तृत चर्चा की। चर्चा में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल थीं:
- नांदेड-हडपसर रेलगाड़ी का विस्तार मिरज तक किया जाए।
- हडपसर गाड़ी से संबद्ध ‘हरंगुल शेयरिंग रैक’ प्रणाली को निरस्त किया जाए।
- निजामाबाद-तिरुपति रायलसीमा एक्सप्रेस का विस्तार नांदेड अथवा जालना तक किया जाए।
- छत्रपति संभाजीनगर से हैदराबाद तथा नांदेड से पुणे के बीच ‘वंदे भारत’ ट्रेन चलाने के लिए प्रयास किए जाएं।
- कोविड काल से पूर्व संचालित होने वाली छत्रपति संभाजीनगर-नांदेड रेलगाड़ी को पुनः प्रारंभ किया जाए।
- रेल पटरियों के दोहरीकरण (डबलिंग) के कार्य को गति दी जाए।
- ’अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत मराठवाड़ा के रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाई जाए।
- नांदेड-पनवेल एक्सप्रेस का विस्तार चिपळूण तक किया जाए।
सांसद अशोक चव्हाण ने इन सभी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया और शिष्टमंडल से कहा कि वे बैठक में अन्य सभी सांसदों के साथ मिलकर रेलवे अधिकारियों से इन विषयों पर जवाब मांगेंगे।
