परभणी, १ जुलाई:
मानसून सत्र के प्रश्नकाल के दौरान राज्य के जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर दंपतियों को सरकारी योजना के माध्यम से आईवीएफ (IVF – इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) उपचार का लाभ मिलना चाहिए, यह महत्वपूर्ण मांग विधायक डॉ. राहुल पाटिल ने सदन में रखी। इस पर स्वास्थ्य मंत्री माननीय प्रकाश आबिटकर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आईवीएफ (IVF) उपचार को ‘महात्मा फुले जन आरोग्य योजना’ में सम्मिलित करने की घोषणा की।
मानसून सत्र के प्रश्नकाल में विधायक राहुल पाटिल ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय उठाया। उन्होंने कहा कि आज के समय में अनेक परिवारों के लिए आईवीएफ (IVF) एक अत्यंत अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। किंतु, इस उपचार का अत्यधिक व्यय (खर्च) सामान्य जनता की वहन क्षमता से बाहर होने के कारण कई लोगों का माता-पिता बनने का स्वप्न अपूर्ण रह जाता है। इसलिए उन्होंने मांग की कि सरकार राज्य के जरूरतमंद और आर्थिक रूप से निर्बल दंपतियों को इस उपचार का लाभ शासकीय योजना के माध्यम से उपलब्ध कराए।
इस विषय पर स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आईवीएफ (IVF) उपचार को ‘महात्मा फुले जन आरोग्य योजना’ के अंतर्गत शामिल करने की घोषणा की। यह निर्णय राज्य के सहस्रों (हजारों) जरूरतमंद दंपतियों के लिए बहुत बड़ी राहत प्रदान करने वाला है, तथा सामान्य नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

