राज्य

​मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का शुभारंभ

​सूचना संकलन के लिए आपके घर आएंगे बीएलओ

परभणी जिले के नागरिक बीएलओ को सहयोग प्रदान करें:

— जिलाधिकारी नतिशा माथुर

परभणी:

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार परभणी जिले में आज (30 जून) से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत 30 जून से 29 जुलाई 2026 की अवधि में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करेंगे। बीएलओ के आगमन पर नागरिक गणना फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरकर हस्ताक्षर सहित उन्हें सौंपें और पावती (रसीद) लेकर फॉर्म की एक प्रति अपने पास सुरक्षित रखें। जिलाधिकारी नतिशा माथुर ने सभी नागरिकों से बीएलओ को पूर्ण सहयोग देने का आह्वान किया है।

​इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में सम्मिलित न हो। प्रशासन ने नागरिकों से इस मुहिम का लाभ उठाने की अपील की है।

​मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के संदर्भ में आज जिलाधिकारी कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता (प्रेस कॉन्फ्रेंस) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपजिला निर्वाचन अधिकारी अरुणा संगेवार, नायब तहसीलदार सतीश रेड्डी, सहायक राजस्व अधिकारी दत्ता गिणगिने सहित कई पत्रकार उपस्थित थे।

​वार्ता के प्रारंभ में श्रीमती संगेवार ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि बीएलओ के घर आने से पूर्व मतदाता आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in अथवा ‘ECINet App’ पर जाकर वर्ष 2002 के विशेष गहन पुनरीक्षण में दर्ज अपना या अपने माता-पिता का विवरण (नाम, निर्वाचन क्षेत्र, भाग संख्या, अनुक्रम संख्या) जांच कर रख लें। इससे सत्यापन की प्रक्रिया अधिक तीव्र व सुगम हो जाएगी।

​जिन नागरिकों अथवा उनके माता-पिता का नाम पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण में पंजीकृत नहीं था, वे पहचान और निवास के प्रमाण के रूप में निम्नलिखित में से कोई भी एक दस्तावेज तैयार रखें:

  • ​जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, दसवीं की अंकतालिका (मार्कशिट) या शैक्षणिक प्रमाण पत्र।
  • ​निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शासकीय अथवा सार्वजनिक उपक्रम का कर्मचारी पहचान पत्र।
  • ​राज्य या स्थानीय प्राधिकरण की परिवार पंजी (कुटुंब रजिस्टर)।
  • ​शासन द्वारा प्रदत्त भूमि अथवा आवास आवंटन का प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र।
  • ​राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण का साक्ष्य।
  • ​बैंक, डाकघर, भारतीय जीवन बीमा निगम अथवा सरकार द्वारा 1 जुलाई 1987 से पूर्व जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र या प्रमाण पत्र तथा सरकारी पहचान पत्र।

​प्रशासन द्वारा अपील की गई है कि मतदाता सूची को त्रुटिहीन, पारदर्शी और अद्यतन (अपडेट) रखने के लिए प्रत्येक नागरिक बीएलओ को अपना सहयोग दे।

​पुनरीक्षण अभियान का प्रशासनिक ढांचा:

मतदाता सूची के इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत परभणी जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों—जिंतूर, परभणी, गंगाखेड़ और पाथरी के कुल 1,623 मतदान केंद्रों पर 1,623 बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही 163 बीएलओ पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) और 136 सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी तैनात किए गए हैं। इस संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से जिले के 15 लाख 41 हजार 7 मतदाताओं का सघन भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

​अब तक हुए मानचित्रण (मैपिंग) के अनुसार, 13 लाख 55 हजार 886 (87.99 प्रतिशत) मतदाताओं की मैपिंग पूर्ण हो चुकी है, जिसमें 2 लाख 62 हजार 777 (19.38 प्रतिशत) विसंगतियां (त्रुटियां) पाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, 70 हजार 288 प्रविष्टियों में एक जैसी तस्वीरें (समान फोटो) पाई गई हैं और 38 हजार 101 मतदाताओं के चित्र मानक स्तर के अनुरूप नहीं (नॉन-स्टैंडर्ड फोटो) पाए गए हैं, जिनकी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा चुकी है।

​कार्यक्रम की समय-सारणी (शेड्यूल)

अर्हता तिथि (Eligibility Date): इस विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए 1 अक्टूबर 2026 को संदर्भ तिथि निश्चित किया गया है।

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