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​एचएआरसी के ‘शैक्षणिक अभिभावकत्व अभियान’ का समापन

परभणी सहित तीन जिलों के ४१४ विद्यार्थियों को मिला शैक्षणिक संबल

​परभणी जिले की ९ तहसीलों में सात दिनों तक हुआ शैक्षणिक सामग्री का वितरण; हिंगोली में समापन, जालना के लाभार्थियों को भी मिली सहायता

परभणी: ग्रामीण क्षेत्रों के एकल माता-पिता (सिंगल पैरेंट) वाले और अनाथ विद्यार्थियों की शिक्षा में आर्थिक तंगी बाधा न बने, इस उद्देश्य से ‘होम्योपैथिक एकेडमी ऑफ रिसर्च एंड चैरिटीज’ (एचएआरसी), परभणी द्वारा संचालित ‘शैक्षणिक अभिभावकत्व उपक्रम २०२६’ के अंतर्गत सात दिवसीय शैक्षणिक सामग्री वितरण अभियान का शुक्रवार को हिंगोली जिले के औंढा नागनाथ में समापन हुआ। इस अभियान के तहत परभणी जिले के ३०१ विद्यार्थियों सहित परभणी, जालना और हिंगोली जिलों के कुल ४१४ एकल माता-पिता वाले व अनाथ विद्यार्थियों का शैक्षणिक उत्तरदायित्व (अभिभावकत्व) स्वीकार किया गया। इसके साथ ही उन्हें शैक्षणिक किट, आवश्यक सामग्री तथा ९वीं एवं १०वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक सेट वितरित किए गए।

​इस अभियान की विशेष बात यह रही कि परभणी जिले की नौ तहसीलों (तालुक) में प्रत्यक्ष रूप से जाकर विद्यार्थियों तक सहायता पहुँचाई गई। जिंतूर, मानवत, सेलू, परभणी, पूर्णा, पालम, गंगाखेड, सोनपेठ और भारसवाड़ा क्षेत्र के गाँवों में लाभार्थी विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें शैक्षणिक सामग्री सौंपी गई। कई विद्यार्थी अत्यंत विपरीत आर्थिक परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनके लिए यह सहायता नए शैक्षणिक वर्ष में एक बड़ी प्रेरणा और संबल सिद्ध हुई।

​अभियान के दौरान परभणी जिले के जिंतूर में ५५, मानवत में २५, सेलू में ४५, परभणी तहसील में ७०, पूर्णा में ३५, पालम में १५, गंगाखेड में ३६ और सोनपेठ में २०, इस प्रकार कुल ३०१ विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त जालना जिले के परतूर में २३ तथा हिंगोली जिले के औंढा नागनाथ एवं वसमत में ९० विद्यार्थियों को सहायता प्रदान की गई।

​अभियान के अंतिम चरण में औंढा नागनाथ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ९वीं व १०वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक सेट तथा इंदिरा गांधी विद्यालय, जवला बाजार के विद्यार्थियों को शैक्षणिक किट का वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा का महत्त्व, नियमित अध्ययन, पठन संस्कृति (वाचन संस्कृति) और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।

​अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों में डॉ. पवन सत्यनारायण चांडक, डॉ. आशा चांडक, डॉ. सचिन मंत्री, डॉ. शैलेश मंत्री, विलास कदम, दयानंद स्वामी, तानाजी भोसले, रवि कुमार मौर्य, डॉ. राजकुमार भारूका, संजय लाहोटी, प्रकाश डुबे सहित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (गटशिक्षणाधिकारी), केंद्र प्रमुख, प्रधानाचार्य, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवक और ग्रामीण उपस्थित थे।

​इस अवसर पर एचएआरसी के अध्यक्ष डॉ. पवन सत्यनारायण चांडक ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए एचएआरसी के माध्यम से समाज के दानदाताओं, शुभचिंतकों और स्वयंसेवकों के सहयोग से यह शैक्षणिक अभिभावकत्व उपक्रम निरंतर चलाया जा रहा है। समाज के अटूट विश्वास के कारण ही इस वर्ष तीन जिलों के ४१४ विद्यार्थियों तक सहायता पहुँचाना संभव हो सका है।”

​पिछले सात दिनों में परभणी जिले के सुदूर क्षेत्रों तक पहुँचकर सैकड़ों जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा को गति देने वाले इस अभियान ने सामाजिक सहभागिता के माध्यम से शिक्षा के लिए एकजुट होने का एक प्रभावी संदेश दिया है।

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