
- विभिन्न विभागों के अधिकारियों के काफिले के साथ गांव पहुंचीं सीईओ
- स्कूली छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद साधा
- जिला परिषद सीईओ का ग्राम पंचायत दौरों का सिलसिला जारी
परभणी 25 सितंबर:
शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं सहित ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ का ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नतिशा माथुर ने शुक्रवार को विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पूर्णा तहसील स्थित ग्राम पंचायत देऊलगांव दुधाटे का सघन दौरा किया।
दौरे के दौरान सीईओ नतिशा माथुर ने गांव के विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, श्मशान भूमि, ग्राम पंचायत भवन तथा प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र का मुआयना कर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया गया। सीईओ ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया, उनकी पाठ्यपुस्तकों की जांच की और प्रयोगशाला में किए जा रहे प्रयोगों का अवलोकन कर छात्रों की सराहना की। इसके अलावा आंगनवाड़ी में दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता भी परखी। समग्र निरीक्षण के उपरांत उन्होंने ग्राम पंचायत की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
इस अवसर पर कार्यकारी अभियंता (निर्माण) अविनाश गायकवाड़, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किशोर सुरवसे, पूर्णा के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) नारायण मिसाल, तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विद्यासागर पाटिल, उप-अभियंता पी. पी. गायकवाड़, विद्युत अभियंता श्रीमती जोशी, शाखा अभियंता बांगर, विस्तार अधिकारी (पंचायत) वी. के. पुरी, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि दीनानाथ दुधाटे, विद्यालय के प्रधानाध्यापक आबनराव पारवे, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि उत्तम कांबले, पूर्व उपसरपंच दिगंबर दुधाटे, सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद दुधाटे, पुलिस पाटिल शिवाजी दुधाटे, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष बलीराम दुधाटे, सदस्य भगवानराव माले पाटिल तथा ग्राम पंचायत अधिकारी एस. एम. आंबुरे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
संदेश:
“गांवों में प्लास्टिक प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। प्रत्येक परिवार से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र कराने के लिए ग्राम पंचायतें व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाएं। साथ ही, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए सोशल मीडिया का सीमित उपयोग सुनिश्चित करते हुए रात्रि 7:00 से 9:00 बजे के दौरान ‘नो मोबाइल – नो टीवी’ मुहिम प्रभावी ढंग से लागू की जाए।”
— नतिशा माथुर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, परभणी