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अवैध धंधे बंद करें, अन्यथा बीट जमादार, थाना अधिकारी सीधे बर्खास्त

पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत की थाना प्रभारियों को कड़ी चेतावनी


अवैध धंधे बंद करें, अन्यथा बीट जमादार, थाना अधिकारी सीधे बर्खास्त

​भाग 1- पुलिस अधीक्षक का आक्रामक कदम

परभणी: परभणी जिले में खुलेआम चल रहे अवैध धंधों और करोड़ों रुपये की अवैध वसूली का मामला अब सीधे मुंबई तक पहुँच चुका है। इस पर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने अत्यंत आक्रामक और कठोर कदम उठाया है। उन्होंने जिले के सभी थाना प्रभारियों को सीधे और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि, “जिले में अवैध धंधे पूरी तरह बंद करें, अन्यथा केवल निलंबन नहीं, बल्कि सीधे सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा।”

​’डाॅ रत्नाकर गुट्टे के ‘पत्र-बम’ (लेटरबॉम्ब) के बाद खाकी वर्दी में छिपे भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

भाग 2: व्यवस्था की पहली बड़ी शल्यचिकित्सा (सर्जरी)

​अवैध धंधों और रेत तस्करों को संरक्षण देने के आरोपों के चलते स्थानीय अपराध शाखा के प्रमुख गजेंद्र सरोदे और उनके ८ सहयोगियों पर की गई कार्रवाई इस भ्रष्ट व्यवस्था की केवल पहली बड़ी शल्यचिकित्सा है। यह मामला अब मुंबई के गृह विभाग की निगरानी में आ जाने के कारण, पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत पर भी जिले को पूरी तरह से ‘स्वच्छ’ (क्लीन) करने का बड़ा दबाव और चुनौती है। गजेंद्र सरोदे और उनके ८ कर्मचारियों को पद से हटाया जाना तो केवल एक शुरुआत है; अब अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध धंधे चालू रखने वाले बीट जमादार और थाना अधिकारियों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा, ऐसा स्पष्ट संदेश पुलिस अधीक्षक ने दिया है।

भाग 3: रेत तस्करों और एक ‘टिप्पर परिवहन’ का सनसनीखेज दावा

​गंगाखेड क्षेत्र में गंगाखेड और आस-पास के क्षेत्रों में रेत का अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन करने वाले तस्करों से एक-एक टिप्पर (डंपर) के बदले प्रति माह १ से १.५ लाख रुपये की भारी वसूली की जाती है, ऐसा सनसनीखेज दावा रत्नाकर गुट्टे द्वारा दिए गए लिखित आवेदन में किया गया है।

​इसके अतिरिक्त, गंगाखेड और आस-पास के क्षेत्रों में २४ घंटे जुए के अड्डे (पत्ते के क्लब), अवैध शराब की बिक्री और प्रतिबंधित गुटखे का जाल पूरी तेजी से चल रहा है। इन सभी काले धंधों को २४ घंटे के भीतर पूरी तरह उखाड़ फेंकना चाहिए, ऐसी आक्रामक माँग गुट्टे ने की है।

मासिक घूस पर  जिले के प्रत्येक पुलिस थाने की व्यवस्था और बीट स्तर के अधिकारी मानो रेत माफिया, गुटखा किंग और जुआ संचालकों के पैसों पर पल रहे हैं। मासिक घूस की इस मलाई के कारण इन अधिकारियों और कर्मचारियों की स्थिति ऐसी हो गई है कि उन्हें अब वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का भी डर नहीं रह गया है। संपूर्ण परभणी जिला वर्तमान में अवैध धंधों का अड्डा बन चुका है और इस व्यवस्था के तार सीधे राज्य की राजधानी मुंबई तक जुड़े होने की पुख्ता जानकारी है।

 

आईपीएस कुमावत का ‘एक्शन प्लान’

​इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक (IPS) कुमावत ने अत्यंत गंभीर रुख अपनाया है और आर-पार की लड़ाई की घोषणा की है। उन्होंने जिले के सभी थाना प्रभारियों को तत्काल आदेश जारी करते हुए कड़ी चेतावनी दी है:

  • ​जिस बीट के अंतर्गत पुलिस थाने के क्षेत्र में अवैध धंधा पाया जाएगा, वहाँ के जिम्मेदार बीट जमादार और थाना अधिकारी को केवल निलंबित नहीं किया जाएगा, बल्कि सीधे सेवा से बर्खास्त करने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • ​अवैध धंधों की अनदेखी करने वाले थाना प्रभारियों को तत्काल ‘कंट्रोल अटैच’ (मुख्यालय संबद्ध) किया जाएगा और उनके निलंबन का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा।

अब तो ‘खाकी’ सुधरेगी क्या?

​एक कर्तव्यनिष्ठ आईपीएस अधिकारी के रूप में कुमावत द्वारा उठाया गया यह कदम अत्यंत स्वागत योग्य है, परंतु थाना स्तर पर वर्षों से जमे बैठे भ्रष्ट अधिकारी क्या इस आदेश का पालन करेंगे? यह सबसे बड़ा प्रश्न है। पुलिस अधीक्षक की इस कड़ी चेतावनी के बाद क्या परभणी में जुए के अड्डे, रेत की तस्करी और गुटखे की बिक्री सचमुच बंद होगी, या पुलिस हमेशा की तरह कुछ दिनों के लिए शांत बैठकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करेगी और फिर नए सिरे से वसूली शुरू कर देगी, इस ओर अब पूरे परभणी जिले की जनता की निगाहें टिकी हुई हैं।

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