
कहा—कलेक्टर-कमिश्नर की सकारात्मक रिपोर्ट के बाद भी बीमा कंपनियों की मनमानी, क्या किसान कोई अपराधी हैं?
परभणी:
पिछले वर्ष हुई भारी बारिश के कारण जिन किसानों की उपजाऊ जमीनें बह गईं, उन्हें आज तक कोई मुआवजा नहीं मिल सका है। वहीं दूसरी ओर, 18 मंडलों के किसानों को फसल बीमा का भुगतान करने के बजाय सुनवाई के नाम पर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। जिलाधिकारी और संभागीय आयुक्त द्वारा किसानों के पक्ष में रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद बीमा कंपनियों के इशारे पर बार-बार तारीखें दी जा रही हैं। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए विधायक डॉ. राहुल पाटिल ने सवाल किया कि क्या किसान कोई अपराधी हैं? कृषि मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने इस मुद्दे पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में विधायक डॉ. राहुल पाटिल परभणी जिलाधिकारी कार्यालय से ऑनलाइन शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने परभणी विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे जिले के किसानों की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
डॉ. पाटिल ने कहा कि खरीफ सीजन 2025 में अतिवृष्टि के चलते जिले के करीब 5 हजार किसानों की जमीनें बहकर पूरी तरह नष्ट हो गई थीं। इस नुकसान के मुआवजे को लेकर शासन-प्रशासन को बार-बार ज्ञापन सौंपे गए, यहां तक कि कलेक्ट्रेट में तालाबंदी तक की गई, लेकिन किसानों को अब तक न्याय नहीं मिला।
बीमा कंपनियों की मनमानी पर उठाए कड़े सवाल
विधायक पाटिल ने आरोप लगाया कि 18 मंडलों के किसानों को अब तक फसल बीमा का मुआवजा नहीं दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर अनुकूल रिपोर्ट होने के बावजूद मनचली बीमा कंपनियां भुगतान करने से कन्नी काट रही हैं और सुनवाई का बहाना बनाकर बच निकलने का प्रयास कर रही हैं। वर्तमान में यह मामला सचिव स्तर पर अटका हुआ है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए पूछा कि बीमा राशि देने के लिए चार-चार बार सुनवाई क्यों की जा रही है? शासन इन बेलगाम कंपनियों पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं करता और उन्हें तत्काल भुगतान के लिए विवश क्यों नहीं कर रहा?
सूखा घोषित करने और पानी छोड़ने की मांग
बैठक में विधायक डॉ. पाटिल ने जायकवाड़ी और लोअर दुधना बांध से तुरंत पानी छोड़ने की मांग भी उठाई। साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा खरीफ सीजन पूरी तरह बर्बाद हो जाने के कारण सरकार समूचे जिले में तत्काल सूखा घोषित करे और संकटग्रस्त किसानों को एकमुश्त सीधी आर्थिक सहायता प्रदान करे।